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1 सितंबर से खुल सकते हैं स्कूल...पहले टीचर्स के होंगे कोरोना टेस्ट फिर इन नियमों के साथ शुरू होंगी क्लास

हाल ही में ऑनलाइन शिक्षा को लेकर इस बात पर चिंता जाहिर की जा रही थी कि बच्चों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ रहा है जो कि उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्रालय स्क्रीन टाइम को सीमित करने को लेकर गाइडलाइन्स भी जारी की थीं।
 

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New Delhi, First Published Aug 2, 2020, 7:30 AM IST
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करियर डेस्क.  पिछले चार महीनों से पूरे देश में स्कूल कॉलेज बंद हैं। बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा (Online Education) दी जा रही है। हालांकि, केंद्र सरकार सहित तमाम राज्य सरकारों को इस बात की चिंता है कि कैसे स्कूल और कॉलेजों को खोला जाए। इसके लिए लगातार योजनाएं बनाई जा रही है। 

हाल ही में ऑनलाइन शिक्षा को लेकर इस बात पर चिंता जाहिर की जा रही थी कि बच्चों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ रहा है जो कि उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्रालय स्क्रीन टाइम को सीमित करने को लेकर गाइडलाइन्स भी जारी की थीं।

1 सितंबर से स्कूल खोलने का लिया फैसला

खैर, स्कूल खोले जाने की मुहिम में असम सरकार ने बड़ा फैसला किया है। सरकार ने 1 सितंबर से स्कूलों को खोले जाने को लेकर शुरुआती योजनाएं बना ली हैं। हालांकि, अंतिम फैसला केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री हिमंत विस्व सर्मा के निर्देशों के अनुसार होगा।

सभी टीचर्स और कर्मचारियों करवाना होगा टेस्ट

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि स्कूल के सभी टीचर्स और इम्प्लॉयीज़ को अपना टेस्ट करवाना होगा। और शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग टेस्ट को लेकर आपस में को-ऑर्डिनेट करेंगे। टेस्ट 23 से 30 अगस्त के बीच करवाया जाएगा।

चौथी कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूल रहेंगे बंद

शर्मा ने कहा, 'हमने स्कूलों को खोले जाने का शुरुआती प्लान बना लिया है लेकिन इस बारे में अभी भी पैरेंट्स और अन्य लोगों से बातचीत की जाएगी। और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार ही इसे लागू किया जाएगा।' उन्होंने कहा कि चौथी कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूलों को बंद ही रखा जाएगा। पांचवीं से 8वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूल ओपन स्पेस में चलाए जाएंगे। क्लासेज को 15 छात्रों के सेक्शन में बांटा जाएगा और केवल इतने बच्चे ही एक बार में क्लासेज अटेंड कर पाएंगे।

9वीं 10वीं के लिए दो दिन चलेगी क्लास

9वीं और 10वीं कक्षा के छात्र सप्ताह में दो दिन क्लास करेंगे। एक साथ केवल 15 छात्र ही मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए स्कूलों में शिफ्ट सिस्टम को विकसित किया जाएगा। एक खास क्लास के बच्चे एक खास टाइम पर ही आएंगे।

डिग्री लेबल पर फाइनल सेमेस्टर के लिए क्लासेज करवाई जाएंगी जबकि पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए यूनिवर्सिटी फैसला करेगी। मंत्री ने कहा कि ये सारे प्रस्ताव एजुकेशन डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर डाल दिए जाएंगे। लोगों को इस पर सुझाव देने के लिए 20 अगस्त तक का समय होगा। उन्होंने कहा कि हम लोग इन सुझावों पर काम करेंगे लेकिन अंतिम फैसला लेने के पहले केंद्र सरकार के सुझावों का इंतज़ार करेंगे। 

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