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'फैक्ट' और 'फिक्शन' का संगम है सोशल मीडिया, फेक न्यूज पर नियंत्रण के लिए बने कठोर कानून: IIMC महानिदेशक

आईआईएमसी के महानिदेशक ने बताया कि वर्ष 2019 में माइक्रोसॉफ्ट की एक सर्वे रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं को फर्जी खबरों का सबसे अधिक सामना करना पड़ता है।

Social media is a confluence of fact  and fiction strict laws made to control fake news pwt
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New Delhi, First Published Jan 1, 2022, 12:52 PM IST
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नई दिल्ली/छपरा. भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) के महानिदेशक प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने सोशल मीडिया में फेक न्यूज के बढ़ते चलन पर चिंता जाहिर की है। प्रोफेसर द्विवेदी के अनुसार सोशल मीडिया के इस दौर में 'फैक्ट' और 'फिक्शन' एक ही घाट पर पानी पीते हैं। फेक न्यूज (fake news) फैलाने वालों पर नियंत्रण के लिए कठोर कानून बनाने की आवश्यकता है। प्रो. द्विवेदी रघुरोशनी मीडिया द्वारा छपरा के रामकृष्ण मिशन आश्रम में आयोजित राष्ट्रीय मीडिया विमर्श को संबोधित कर रहे थे।

'डिजिटल मीडिया की हदें ओर सरहदें' विषय पर विचार व्यक्त करते हुए प्रोफेसर द्विवेदी ने कहा कि 21वीं शताब्दी इंटरनेट और सोशल मीडिया के युग की शताब्दी है। सोशल मीडिया के एक हिस्से में खबरों को अनावश्यक रूप से सनसनीखेज बनाने का रुझान दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि हमें फेक न्यूज पर मलेशिया, फिलीपींस और थाइलैंड की तरह सख्त नियम बनाने की आवश्यकता है।

आईआईएमसी के महानिदेशक ने बताया कि वर्ष 2019 में माइक्रोसॉफ्ट की एक सर्वे रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं को फर्जी खबरों का सबसे अधिक सामना करना पड़ता है। दुनिया के 22 देशों में किए गए सर्वेक्षण के बाद तैयार की गई इस रिपोर्ट के अनुसार 64 फीसदी भारतीयों को फर्जी खबरों का सामना करना पड़ रहा है और ये चिंता की बात इसलिए है क्योंकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 57 फीसदी का है। 

प्रो. द्विवेदी के अनुसार आज के दौर में हम सभी ‘नॉलेज सोसायटी’ का हिस्सा हैं। ज्ञान के एक बड़े हिस्से को समाज के सभी वर्गों तक पंहुचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मीडिया पर है। मीडिया का रोल आधुनिक जीवन में इतना ज्यादा है कि सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक हम मीडिया के ही माध्यम से दुनिया को जीते और सुनते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे दौर में सूचनाओं को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ानी होगी और समझ पैदा करनी होगी।

कार्यक्रम में रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी अतिदेवानंद महाराज, बिहार विधान परिषद के सदस्य प्रो. वीरेन्द्र नारायण यादव, न्यूजफैक्ट डॉट इन के प्रधान संपादक डॉ. अमित रंजन एवं वरिष्ठ रंगकर्मी और अधिवक्ता श्री बिपिन बिहारी श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया एवं विभिन्न समाजसेवियों को उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री कंचन बाला ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन रघुरोशनी मीडिया के प्रबंध निदेशक चंदन कुमार ने किया।

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