Viral Story: सॉफ्टवेयर डेवलपर ने 72 लाख रुपये सालाना का जॉब ऑफर किन कारणों से ठुकरा दिया? वायरल पोस्ट के अनुसार, कंपनी की कौन-कौन सी नीतियां कैंडिडेट को कर्मचारी-हितैषी नहीं लगीं? कैंडिडेट ने 72 LPA पैकेज के बावजूद ऑफर को अपने लिए सही क्यों नहीं माना?

Ragini Pandey Viral Post: एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने 72 लाख रुपये सालाना का चौंकाने वाला जॉब ऑफर ठुकरा दिया है। इसके बाद से इस बात पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है कि आज के प्रोफेशनल असल में नौकरी में क्या चाहते हैं। ये घटना बताती है कि कैसे कभी-कभी वर्क कल्चर, कर्मचारियों को मिलने वाले फायदे और काम में फ्लेक्सिबिलिटी, एक आकर्षक सैलरी पैकेज पर भी भारी पड़ सकते हैं।

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ये कहानी तब सामने आई जब सॉफ्टवेयर डेवलपर रागिनी पांडे ने X पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें पता चला कि उनके दोस्त ने भर्ती प्रक्रिया के सारे राउंड पास करने के बावजूद 72 लाख रुपये का शानदार ऑफर ठुकरा दिया। स्क्रीनशॉट में, मनीष नाम का एक रिक्रूटर कैंडिडेट से ऑफर स्वीकार करने के लिए कह रहा है, ताकि कंपनी बाकी की फॉर्मैलिटी पूरी कर सके। हालांकि, नौकरी से जुड़ी शर्तों को ध्यान से देखने के बाद, डेवलपर ने ये मौका छोड़ने का फैसला किया।

अपने फैसले के बारे में बताते हुए कैंडिडेट ने कई बड़ी कमियों का जिक्र किया। इनमें छुट्टी की कोई पक्की पॉलिसी न होना, मौजूदा सैलरी के मुकाबले ग्रोथ का कम होना और दूसरे शहर में शिफ्ट होने के लिए कोई मदद न मिलना शामिल था। उसने लिखा, "कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी-फ्रेंडली (employee-friendly) नहीं है, इसलिए मुझे यह मौका छोड़ना होगा।"

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डेवलपर ने इस बात पर जोर दिया कि 72 लाख का आंकड़ा सुनने में तो बहुत अच्छा लगता है, लेकिन पूरा पैकेज उसकी प्रोफेशनल और पर्सनल जरूरतों से मेल नहीं खा रहा था। उसने कहा, "रहने का खर्च, रीलोकेशन बोनस न मिलना, छुट्टी की कोई पॉलिसी न होना और सिर्फ 25% की हाइक को देखते हुए, यह ऑफर मेरे लिए सही नहीं है।"

उसने यह भी कहा कि अगर वह अपने करियर की शुरुआत में होता, तो शायद इसे स्वीकार कर लेता। उसने आगे कहा, "लेकिन इस मोड़ पर, मुझे लगता है कि कॉन्ट्रैक्ट दोनों पक्षों के लिए बराबर होने के बजाय, काफी हद तक कंपनी के पक्ष में झुका हुआ है।"

यह वायरल पोस्ट अब ऑनलाइन जबरदस्त चर्चा का विषय बन गया है। कई प्रोफेशनल्स इस बात से सहमत हैं कि अब सिर्फ सैलरी ही किसी नौकरी को आकर्षक नहीं बनाती। कर्मचारी अब करियर में कोई भी फैसला लेने से पहले वर्कप्लेस में फ्लेक्सिबिलिटी, छुट्टियों की पॉलिसी, रीलोकेशन में मदद, वर्क-लाइफ बैलेंस और कंपनी के कल्चर जैसी चीजों को भी बारीकी से देख रहे हैं।

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