नई दिल्ली। उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बहुत ज्यादा बढ़ी है। ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) के द्वारा जारी रिपोर्ट से पता चला है कि उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछले सेशन की तुलना में इस सेशन में लड़कों के मुकाबले लड़कियों का एनरॉलमेंट बहुत ज्यादा हुआ है। यह रिपोर्ट मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा शनिवार को ही जारी की गई है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, 2018-19 के दौरान उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों में लड़कों की अपेक्षा 90,000 ज्यादा लड़कियों ने एडमिशन लिया। इससे पता चलता है कि देश में उच्च शिक्षा में जेंडर गैप कम हो रहा है। 

पिछले साल लड़कों की संख्या थी ज्यादा
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश की यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में लड़कियों की तुलना में 1 लाख, 61 हजार लड़के ज्यादा थे। जबकि आज लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या 90,000 बढ़ गई है। इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कर्नाटक में भी उच्च शिक्षा में लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले बढ़ी है, लेकिन यह सिर्फ 1600 ज्यादा है। सर्वे से यह पता चलता है कि धीरे-धीरे उच्च शिक्षा में जेंडर गैप कम हो रहा है और नामांकन में लड़कियों की भागीदारी बढ़ रही है। 2017-18 में जहां लड़कियों का एनरॉलमेंट 47.6 फीसदी था, वहीं 2018-19 में यह 48.6 फीसदी हो गया। 

साइंस, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी रिसर्च में ज्यादा एनरॉलमेंट 
सर्वे से पता चला कि एक-तिहाई अंडरग्रैजुएट स्टूडेंट्स ने ह्यूमैनिटीज में दाखिला लिया, वहीं पोस्ट ग्रैजुएट लेवल पर लड़कियों ने मैनेजमेंट में दाखिला लेने में रुचि दिखाई। वहीं साइंस, टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग में एम.फिल. और पीएच.डी. कोर्स में पहले के मुकाबले ज्यादा दाखिले हुए। 

सबसे ज्यादा दाखिले आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंस में
सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) की रिपोर्ट से पता चला है कि अंडरग्रैजुएट लेवल पर आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंस में 35.9 प्रतिशत दाखिले हुए, वहीं साइंस में 14.1 प्रतिशत और कॉमर्स में 14.1 प्रतिशत दाखिले हुए। सबसे कम दाखिले इंजीनियरिंग में ही हुए।    

यूनिवर्सिटीज की संख्या भी बढ़ी
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, यूनिवर्सिटीज और फैकल्टी की संख्या भी पहले के मुकाबले बढ़ी है। साल 2017-18 में जहां यूनिवर्सिटीज की संख्या 903 थी, वहीं 2018-19 में यह बढ़ कर 993 हो गई। इसी दौरान उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या 49,964 से बढ़ कर 51,649 हो गई। साथ ही, फैकल्टी की संख्या भी बढ़ कर 13.88 लाख से बढ़ कर 14.16 लाख हो गई।