Swami Vivekananda Jayanti Bhasan 2026: हर साल 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती मनाई जाती है। इस खास अवसर पर आप भाषण देने जा रहे हैं, तो यहां पढ़ें स्वामी विवेकानंद जयंती पर छात्रों और शिक्षकों के लिए अलग-अलग पूरा भाषण, टिप्स और प्रेरणादायक कोट्स।
Swami Vivekananda Jayanti Speech 2026 In Hindi: हर साल 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती मनाई जाती है, जिसे भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में भी सेलिब्रेट करते हैं। इस साल यह दिन सोमवार को है। स्वामी विवेकानंद का नाम आते ही आत्मविश्वास, युवा शक्ति और शिक्षा की बात अपने आप शुरू हो जाती है। इस दिन स्कूल हो, कॉलेज हों या अन्य संस्थान कई सांस्कृतिक और प्रतियोगी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अगर आप स्कूल-कॉलेज स्टूडेंट्स या टीचर्स हैं और विवेकानंद जयंती पर भाषण देने जा रहे हैं, तो हम यहां बता रहे हैं स्टूडेंट्स और टीचर्स दोनों के लिए अलग-अलग विवेकानंद जयंती 2026 पर भाषण और साथ ही बताएंगे कि भाषण कैसे दिया जाए, ताकि बात सीधे दिल तक पहुंचे।
छात्रों के लिए स्वामी विवेकानंद जयंती पर भाषण (Swami Vivekananda Speech for Students)
आदरणीय प्रिंसिपल, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों,
आज मैं स्वामी विवेकानंद के विचारों पर अपने मन की बात रखना चाहता हूं। स्वामी विवेकानंद कहते थे-‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।’ यह लाइन हर छात्र के जीवन से जुड़ी है। हम अक्सर डर जाते हैं, परीक्षा से, रिजल्ट से या भविष्य से। लेकिन विवेकानंद हमें सिखाते हैं कि डर नहीं, आत्मविश्वास ही असली ताकत है।
उनका मानना था कि शिक्षा का मतलब सिर्फ किताबें रटना नहीं है, बल्कि खुद को पहचानना है। अगर हमें अपने ऊपर भरोसा हो, तो कोई भी मुश्किल हमें रोक नहीं सकती। आज के युवा अगर मेहनत, ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, तो भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने से कोई नहीं रोक सकता।
आइए, हम सब स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपनाकर एक मजबूत, आत्मनिर्भर और सकारात्मक सोच वाले युवा बनें।
धन्यवाद।

शिक्षकों के लिए स्वामी विवेकानंद जयंती पर भाषण (Swami Vivekananda Speech for Teachers)
आदरणीय प्रिंसिपल, मेरे प्रिय साथियों और स्टूडेंट्स
स्वामी विवेकानंद का मानना था कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला होता है। विवेकानंद कहते थे कि शिक्षा वह है, जो इंसान को आत्मनिर्भर बनाए। एक शिक्षक के रूप में हमारी जिम्मेदारी सिर्फ सिलेबस पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, संस्कार और सही सोच पैदा करना भी है।
हर बच्चा अलग है, हर बच्चे में कोई न कोई खासियत छुपी होती है। शिक्षक का काम उस छुपी हुई क्षमता को पहचानना और निखारना है। अगर हम बच्चों को डर से नहीं, प्रेरणा से पढ़ाएं, तो वही बच्चे आगे चलकर समाज और देश का नाम रोशन करेंगे। स्वामी विवेकानंद के विचार हमें याद दिलाते हैं कि मजबूत राष्ट्र की नींव एक अच्छे शिक्षक से ही रखी जाती है।
धन्यवाद।

स्वामी विवेकानंद जयंती पर भाषण कैसे दें? (Swami Vivekananda Speech Delivery Tips)
1. भाषा आसान रखें: भारी शब्दों से बचें। जैसा बोलते हैं, वैसा ही मंच पर बोलें।
2. रटकर नहीं, समझकर बोलें: लाइन याद करना ठीक है, लेकिन भावना अपनी होनी चाहिए।
3. आत्मविश्वास सबसे जरूरी: सीधा खड़े हों, आंखों में आंख डालकर बोलें।
4. आवाज साफ और संतुलित रखें: ना बहुत तेज, ना बहुत धीमी।
5. उदाहरण जोड़ें: छोटा-सा रियल लाइफ उदाहरण भाषण को असरदार बनाता है।
भाषण में शामिल करने योग्य विवेकानंद के विचार
- “खुद पर विश्वास करो, तभी दुनिया तुम पर विश्वास करेगी।”
- “एक विचार लो और उसे ही अपना जीवन बना लो।”
- “ताकत जीवन है, कमजोरी मृत्यु के समान।”


