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कभी कुली का काम करता था ये शख्स, ऐसे खड़ा कर दिया 2500 करोड़ का साम्राज्य

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो शुरुआत में तो बहुत मामूली काम करते हैं, पर अपनी मेहनत और लगन से बड़ा बिजनेस एम्पायर खड़ा कर लेते हैं। ऐसे लोगों की कहानियां बहुत प्रेरक होती हैं।

This person used to work as a porter in Chennai, thus built a kingdom of 25 hundred crores
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Chennai, First Published Oct 5, 2019, 1:08 PM IST
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चेन्नई। दुनिया में ऐसे लोगों की कोई कमी नहीं है, जिन्होंने शुरुआत में बहुत ही मामूली काम किए, लेकिन अपनी मेहनत और लगन से आगे चल कर बड़ा बिजनेस एम्पायर खड़ा कर लिया। आज भारत की बड़ी कंपनियों में से एक एमजीएम ग्रुप (MGM group) के फाउंडर एम जी मुत्थु की कहानी कुछ ऐसी ही है। तमाम कठिनाइयों और औपचारिक शिक्षा नहीं हासिल करने के बावजूद उन्होंने यह दिखा दिया कि इंसान अगर किसी काम को करने की ठान ले बड़ी से बड़ी बाधाएं भी उसे सफलता हासिल करने से रोक नहीं सकतीं। एम जी मुत्थु ने शुरुआती दौर में चेन्नई के पोर्ट पर एक कुली के रूप में काम किया, लेकिन आगे चल कर उन्होंने जो कंपनी स्थापित की, उसका काम आज भारत के साथ दुनिया के कई देशों में फैला है। एक कुली से 2500 करोड़ के बिजनेस एम्पायर के मालिक होने तक की मुत्थु की कहानी वाकई बहुत ही प्रेरणा देने वाली है। 

चेन्नई पोर्ट पर करते थे कुली का काम
एम जी मुत्थु का परिवार बहुत गरीब था। स्कूल जाना उनके लिए किसी सपने जैसा था। उन्हें कोई औपचारिक शिक्षा नहीं मिल सकी। बचपन से ही उन्हें कठिन संघर्ष का का सामना करना पड़ा। साल 1957 में उन्होंने मद्रास में शिप हार्बर पर कुली का काम करना शुरू किया। वे जहाज पर माल की लोडिंग-अनलोडिंग का काम करते थे। उनके पिता भी इसी काम में लगे थे। 

गांव के बच्चों को स्कूल जाते देख हुई पढ़ने की इच्छा
जब वे बच्चे थे तो गांव में उनके परिवार को बहुत आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई बार तो परिवार के लिए दोनों टाइम साधारण खाना जुटा पाना तक मुश्किल हो जाता था। ऐसे कई मौके आए जब मुत्थु को बिना कुछ खाए सोना पड़ा। जब वे गांव के बच्चों को स्कूल जाते देखते थे, तो उनका मन भी पढ़ाई करने को करता था। लेकिन गरीबी के कारण यह संभव नहीं था। आखिर उनके पिता ने पोर्ट पर काम करने का फैसला किया और मुत्थु ने भी उनके साथ यही काम करना शुरू कर दिया। इससे उनकी हालत पहले से कुछ बेहतर हुई। 

कैसे की बिजनेस की शुरुआत
मद्रास पोर्ट पर कड़ी मेहनत करते हुए धीरे-धीरे उन्होंने कुछ पैसे बचाने शुरू कर दिए। जब उनके पास कुछ बचत हो गई तो उन्होंने छोटे स्तर पर लॉजिस्टिक्स बिजनेस शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने इस सेक्टर में काम करने वालों से अच्छे संबंध स्थापित कर लिए। इसका उन्हें काफी फायदा मिला। मुत्थु का यह बिजनेस बहुत छोटे स्तर पर था, पर उन्होंने हमेशा कस्टमर्स को बेहतरीन सर्विस देने की कोशिश की और उनकी संतुष्टि का ख्याल रखा। उनके कस्टमर उनकी सर्विस से पूरी तरह सैटिस्फाइड थे। यही उनके बिजनेस के ग्रोथ का आधार बना। उन्होंने कस्टमर्स की उम्मीद से ज्यादा और जल्दी डिलिवरी उन्हें देनी शुरू की। धीरे-धीरे उनका नाम पूरे मद्रास में फैलने लगा। कस्टमर्स का भरोसा उन पर कायम हो गया। मुत्थु ने अब बड़े क्लाइंट्स और वेंडर्स को भी जोड़ा। इसके बाद जो बिजनेस उन्होंने बहुत ही छोटे स्तर पर शुरू किया था, वह बढ़ता ही चला गया। इसी तरह मुत्थु ने एमजीएम ग्रुप की शुरुआत की जो आज एक बड़ा बिजनेस एम्पायर बन चुका है और कॉरपोरेट जगत में इसकी पहचान देश ही नहीं, विदेशों में भी है। 

कई क्षेत्र में फैला है बिजनेस
एमजीएम ग्रुप आज भारत की लीडिंग लॉजिस्टिक्स कंपनियों में एक है। इस ग्रुप ने कोल और मिनरल माइनिंग के क्षेत्र में भी काम शुरू कर दिया है। इस ग्रुप के फूड चेन्स हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी इसने बड़े पैमाने पर काम शुरू किया है। मुत्थु का कई देशों में होटल व्यवसाय चल रहा है। एमजीएम ग्रुप ने तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में दो लिकर कंपनियों का अधिग्रहण किया है, जिसमें कई वेराइटी की शराब बनती है। एमजीएम ग्रुप ने कर्नाटक में भी लिकर प्रोडक्शन का काम शुरू किया है। इसके अलावा मुत्थु ने मलेशिया के फास्ट फूड रेस्तरां मैरी ब्राउन की भारत में फ्रैंचाइजी ली है। ग्रुप ने बेंगलुरु के वाइटफील्ड में होटल के साथ बूटीक बिजनेस भी शुरू कर दिया है। एमजीएम ग्रुप के मैनेजिंग डाइरेक्टर का कहना है कि बेंगलुरु में हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट में ग्रुप और भी ज्यादा इन्वेस्टमेंट करेगा। वहां इस बिजनेस के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं। 

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