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कभी टीचर था ये शख्स, इस एक काम से बदल गई पूरी जिंदगी, आज करोड़पति

कुछ लोग इतने इनोवेटिव नेचर के होते हैं कि हमेशा कुछ न कुछ नया करते रहते हैं। कभी उनकी कोशिश ऐसा रंग दिखाती है कि वे अरबों में खेलने लगते हैं। दक्षिण भारत के एक गांव के रहने वाले रविंद्रन एक ऐसे ही शख्स हैं। 
 

Was a teacher, created an app and was named among the billionaires of the country
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New Delhi, First Published Nov 8, 2019, 2:33 PM IST
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करियर डेस्क। कुछ लोग इतने इनोवेटिव नेचर के होते हैं कि हमेशा कुछ न कुछ नया करते रहते हैं। कभी उनकी कोशिश ऐसा रंग दिखाती है कि वे अरबों में खेलने लगते हैं। दक्षिण भारत के एक गांव के रहने वाले रविंद्रन एक ऐसे ही शख्स हैं। रविंद्रन का जन्म केरल के कन्नूर के पास एक छोटे-से गांव अझीकोड में हुआ था। उनके पेरेंट्स भी टीचर थे। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद रविंद्रन ने अपने दोस्तों के कहने पर इंजीनियरिंग कॉलेज और आईआईएम में दाखिला लेने वाले स्टूडेंट्स को पढ़ाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उनकी क्लासेस में इतने ज्यादा स्टूडेंट आने लगे कि उन्हें स्टेडियम में कक्षाएं लगानी पड़ीं। इसके बाद 2011 में उन्होंने 'थिंक एंड लर्न' नाम की कंपनी इस्टैब्लिश की। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अगस्त तक इस कंपनी के लिए उन्होंने 15 करोड़ डॉलर यानी 1,035 रुपए का फंड जुटाया था। 

5.7 अरब  डॉलर है कंपनी की वैल्यूएशन
बता दें कि एक टीचर के रूप में कोचिंग का काम करने वाले रविंद्रन ने 2017 में लर्निंग ऐप बायजू (BYJU'S) को लॉन्च किया। यह ऐप बहुत ही सक्सेसफुल रहा। इसके पहले उन्होंने दो लाख रुपए लगाकर कोचिंग चलाने वाली कंपनी एडटेक शुरू की थी। यह भी ऑनलाइन एजुकेशनल कंटेंट एवेलेबल कराने वाला बड़ा प्लैटफॉर्म बन गया था। अब रविंद्रन की कंपनी 'थिंक एंड लर्न' का वैल्यूएशन 5.7 अरब डॉलर यानी करीब 39,330 करोड़ रुपए हो चुका है। उनके पास कंपनी के 21 पर्सेंट से ज्यादा शेयर हैं। 

बायजू के हैं 3.5 करोड़ सब्सक्राइबर
जानकारी के मुताबिक, बायजू ऐप के करीब 3.5 करोड़ सब्सक्राइबर हैं, जिनमें से 24 लाख पेड यूजर हैं। एरक पेड यूजर सालाना 10 से 12 हजार तक की फीस देता है। रविंद्रन की कंपनी में काफी निवेशक पैसा लगा रहे हैं। इनका ऐप देश ही नहीं, विदेशों में भी काफी पॉपुलर हो चुका है। सॉवरेन फंड और पेंशन फंड ने भी इसमें इन्वेस्टमेंट के लिए इंटरेस्ट दिखाया है। कतर की एक इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने भी इसमें निवेश किया है। ब्लूममर्ग के अनुसार खुद रविंद्रन, उनकी पत्नी और भाई के पास कंपनी के 35 प्रतिशत शेयर हैं।  

शिक्षा के क्षेत्र में करना चाहते हैं क्रिएटिव काम
रविंद्रन शिक्षा के क्षेत्र में क्रिएटिव काम करना चाहते हैं। एक बार उन्होंने कहा था कि जो काम डिज्नी ने एंटरटेनमेंट की फील्ड में किया, वही वे एजुकेशन में करना चाहते हैं। उन्होंने अपने लर्निंग ऐप में डिज्नी के सिंबा और अन्ना के कैरेक्टर को शामिल किया है। उनका कहना है कि अभी इस ऐप में और भी नए फीचर दिए जाएंगे, ताकि स्टूडेंट्स को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।    

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