Who is Neha Singh Galgotias University: गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह रोबोटिक डॉग ‘ओरियन’ विवाद के बाद सुर्खियों में आ गई हैं। जानें कौन हैं नेहा सिंह, उनके बयान, यूनिवर्सिटी का पक्ष और वायरल वीडियो के पीछे की असली कहानी।
Neha Singh Galgotias University: गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह हाल ही में अचानक सुर्खियों में आ गई हैं। वजह है नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में दिखाया गया रोबोटिक डॉग ‘ओरियन’। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में नेहा सिंह रोबोट का परिचय दे रही थीं, लेकिन इसके बाद ये दावा किया गया कि यूनिवर्सिटी ने चीन में बने रोबोट को अपना आविष्कार बता दिया। जानिए कौन हैं गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह, उनका एजुकेशनल, प्रोफेशनल बैकग्रांड और विवाद पर उन्होंने क्या कहा।
नेहा सिंह ने कहा- बस डेमो था
नेहा सिंह ने एएनआई से बातचीत में स्पष्ट किया कि यूनिवर्सिटी ने कभी यह नहीं कहा कि यह रोबोट उन्होंने खुद बनाया है। उनके अनुसार, ‘ओरियन’ केवल छात्रों को देखने और सीखने के लिए लाया गया था। उन्होंने बताया कि समिट के तेज माहौल में उनके उत्साहित अंदाज को कुछ लोगों ने गलत तरीके से समझ लिया। नेहा ने यह भी कहा कि उन्हें यूनिवर्सिटी को किसी सरकारी आदेश के तहत कार्यक्रम छोड़ने की कोई जानकारी नहीं है और उनके प्रतिनिधि वहां मौजूद थे।
कौन हैं नेहा सिंह, एजुकेशनल और प्रोफेशनल बैकग्राउंड
नेहा सिंह नवंबर 2023 से गलगोटिया यूनिवर्सिटी में हैं और वह कम्युनिकेशन विभाग की प्रमुख (HOD) हैं। इससे पहले वे शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में असिस्टेंट प्रोफेसर और करियर लॉन्चर में वर्बल एबिलिटी मेंटर रही हैं। इसके अलावा उन्होंने गीतम यूनिवर्सिटी में भी पढ़ाया है। नेहा ने साल 2006 में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से एमबीए किया और उससे पहले इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीकॉम की डिग्री ली। उनका मुख्य काम कम्युनिकेशन और सॉफ्ट स्किल्स में है, न कि तकनीकी एआई रोबोटिक्स में।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने जारी किया आधिकारिक बयान
विवाद बढ़ता देख गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक बयान जारी किया। संस्थान ने इसे ‘दुष्प्रचार’ करार दिया और कहा कि रोबोटिक डॉग का प्रदर्शन केवल छात्रों को एआई प्रोग्रामिंग में परिचित कराने के लिए था। यूनिवर्सिटी ने साफ किया कि उनका मकसद छात्रों को वैश्विक तकनीक से रूबरू कराना और उन्हें भविष्य के एआई टैलेंट के रूप में तैयार करना है। नेहा सिंह ने भी दोहराया कि रोबोट की उत्पत्ति को लेकर कोई भ्रम जानबूझकर पैदा नहीं किया गया था। उनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को आधुनिक एआई टूल्स के माध्यम से सीखने और प्रयोग करने के लिए प्रेरित करना था।


