AI Summit 2026: गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने AI समिट 2026 में रोबोट डॉग दिखाया, लेकिन यह चीनी यूनिट्री Go2 निकला। क्या यह भारत की इनोवेशन इमेज पर असर डालेगा? विवाद क्यों बढ़ा और यूनिवर्सिटी ने क्या सफाई दी? इसको लेकर कांग्रेस ने सरकार पर बड़ा हमला बोला।

AI Summit 2026 Chinese Robotics Controversy: इंडिया अल इम्पैक्ट समिट 2026 में गलगोटियास यूनिवर्सिटी का रोबोटिक डॉग अचानक विवादों में फंस गया। यूनिवर्सिटी ने इसे "ओरियन" के नाम से अपने इन-हाउस इनोवेशन के रूप में पेश किया था। लेकिन ऑब्ज़र्वर्स ने इसे चीनी कंपनी यूनिट्री का Go2 मॉडल बताया। इस गलती ने यूनिवर्सिटी को आलोचनाओं और विवादों के घेरे में डाल दिया, जिससे भारत के AI इवेंट की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे। इस मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। जिससे अच्छा खासा हंगामा खड़ा हो गया है। हालांकि यूनवर्सिटी की तरफ से इस बारे में सफाई दी गई है।

रोबोडॉग विवाद-क्या हुआ सच में?

समिट में गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने अपने स्टूडेंट्स की इनोवेशन दिखाने के लिए रोबोटिक डॉग ओरियन पेश किया। लेकिन देखने वालों ने इसे चीनी कंपनी यूनिट्री Go2 के कमर्शियली उपलब्ध रोबोट के रूप में पहचान लिया। यह रोबोट भारत में 2-3 लाख रुपये में बिकता है। अचानक यह मामला राष्ट्रीय विवाद बन गया, क्योंकि यूनिवर्सिटी ने इसे अपने इन-हाउस इनोवेशन के रूप में पेश किया था। 

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आरोप है कि इस तरह के प्रेजेंटेशन से घरेलू AI इनोवेशन को सही तरीके से प्रदर्शित नहीं किया गया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यूनिवर्सिटी को स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया और बिजली भी काट दी गई। इस विवाद ने समिट का फोकस भारत की AI एम्बिशन से हटाकर विवाद और आलोचना की तरफ मोड़ दिया।

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गलगोटियास यूनिवर्सिटी का पक्ष-सफाई या वास्तविकता?

गलगोटियास यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने पहले कहा कि यूनिवर्सिटी ने ओरियन को अपने AI और डेटा साइंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में डेवलप किया है। उनका दावा है कि रोबोटिक कुत्ता सर्विलांस और मॉनिटरिंग जैसे काम कर सकता है। लेकिन बाद में यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि रोबोटिक डॉग यूनिट्री Go2 का मॉडल था, और उन्होंने कभी इसे अपने डेवलपमेंट के रूप में दावा नहीं किया। यूनिवर्सिटी का कहना है कि इसे सिर्फ़ स्टूडेंट्स की लीर्निंग और इंस्पिरेशन के लिए दिखाया गया था।

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प्रोफेसर नेहा सिंह ने स्वीकार किया कि कम्युनिकेशन में गड़बड़ी हुई, और इरादा गलत नहीं था। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी का लक्ष्य AI टैलेंट तैयार करना और ग्लोबल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सीखना है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया-राजनीतिक और सोशल मीडिया बवाल

कांग्रेस और विपक्ष ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी ने इसे "बिना सोचे-समझे PR तमाशा" कहा। विपक्ष का आरोप है कि समिट में चीनी रोबोट को भारतीय इनोवेशन के तौर पर दिखाया गया, जिससे भारत की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सवाल उठाए-क्या भारत की AI एम्बिशन इस तरह की गलत जानकारी से प्रभावित होगी? क्या ग्लोबल AI इवेंट में चीनी टेक्नोलॉजी को प्रमोट करना सही था?

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