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महज इतनी फीस के लिए अमिताभ ने छोड़ दी थी नौकरी, झिझकते हुए साइन की थी पहली फिल्म

अमिताभ बच्चन का नाम 50 साल पहले आज ही के दिन (7 नवंबर) पहली बार थिएटर की स्क्रीन पर आया था, जब बिग बी ने 1969 में फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' के साथ अपनी शुरुआत की थी। 

Amitabh Bachchan flashed screens for the first time on this day
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Mumbai, First Published Nov 7, 2019, 12:28 PM IST
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मुंबई. अमिताभ बच्चन का नाम 50 साल पहले आज ही के दिन (7 नवंबर) पहली बार थिएटर की स्क्रीन पर आया था, जब बिग बी ने 1969 में फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' के साथ अपनी शुरुआत की थी। लेकिन एक्टर ने बहुत ही झिझक के साथ अपनी नौकरी छोड़ी, जिसमें उन्हें हर महीने 1600 रुपए बतौर तनख्वाह मिलते थे। साथ ही, अमिताभ ने फिल्म 'सात हिन्दुस्तानी' साइन की, जिसमें उन्हें केवल 5000 रुपए मिले थे!


अच्छी किस्मत थी
इसके बाद भी बिग बी को फिल्म में केवल एक कवि के दोस्त की भूमिका निभाने के लिए मिली थी, जबकि टीनू आनंद कवि की भूमिका में थे, जो एक प्रमुख रोल था, लेकिन एक्टर के भाग्य में कुछ अच्छा लिखा था। कुछ परिस्थितियों के कारण, टीनू को प्रोजेक्ट छोड़ना पड़ा और बिग बी ने फिल्म में आखिरकार कवि की मुख्य भूमिका निभाई और इस तरह से इस मेगास्टार की यात्रा स्क्रीन पर शुरू हुई।


मुस्लिम कवि का किरदार
अमिताभ बच्चन ने बिहार के मुस्लिम कवि अनवर अली का किरदार निभाया था, उनके साथ पांच अन्य लोग भी थे, जो सभी अलग-अलग धर्मों और भारत के अलग-अलग हिस्सों से थे, ये पुर्तगाली कब्जे वाले गोवा के मूल निवासी सातवें कॉमरेड मारिया में शामिल होते हैं, जो कि पुर्तगाली किलों और इमारतों पर भारतीय झंडे फहराकर राज्य में राष्ट्रवादी भावनाओं को बढ़ाते हैं।


ये एक्टर भी थे फिल्म में
इस फिल्म में मलयालम अभिनेता मधु, महान बंगाली एक्टर उत्पल दत्त और हास्य अभिनेता महमूद के भाई अनवर अली ने भी अभिनय किया था। ये फिल्म, स्पष्ट रूप से जापानी क्लासिक, सेवन समुराई और हॉलीवुड के काउब्वॉय रीमेक द मैग्निफिशेंट सेवन से प्रेरित थी, इसमें स्थानीय देशभक्ति और बाहर से आने वाला लोगों को मदद करने के लिए क्लासिक कहानी को फिर से बताकर देशभक्ति की भावना को जगाया गया था।
 

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