छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां रावण दहन के समय रावण का पुतला पूरा नहीं जलने के कारण एक वर्ग 3 के एक कर्मचारी को संस्पेंड कर दिया है और चार अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।

धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां चतुर्थ श्रेणी के एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। उसके संस्पेंड करने की वजह भी हैरान करने वाली है। दरअसल, 5 अक्टूंबर को आयोजित रावण दहन के कार्यक्रम में पुतला नहीं जलने के कारण उसके ऊपर यह गाज गिरी है।। साथ ही, चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पीड़ित कर्मचारी धमतरी नगर निकाय का बताया जा रहा है। 

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आधा ही जला रावण का पुतला, सिर तक पहुंची नहीं आग

धमतरी के रामलीला मैदान में 5 अक्टूबर को स्थानीय निकाय द्वारा रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। दशहरा या विजयदशमी वार्षिक दुर्गा पूजा उत्सव के अंत का प्रतीक माना जाता है।इस अवसर पर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण के पुतले पूरे देश में जलाए जाते हैं। नगर निगम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में रावण दहन के लिए 30 फीट ऊंचा पुतला बनाया गया। पुतले में आग लगाने के बाद पूरा रावण जलकर खाक हो गया लेकिन उसके सभी 10 सिर वैसे ही बिना जले रह गए, क्योंकि उन तक आग ही नहीं पहुंच पाई। 

लापरवाही के चलते हुई किरकिरी, किया संस्पेंड
दशहरा उत्सव में 30 फीट ऊंचे रावण के 10 सिर नहीं जलने के कारण उन सिरों को इकट्ठा करके फिर आग लगाई गई। इस वजह से नगर निगम टीम की बहुत किरकिरी हुई। इसके बाद पुतला बनावाने की जिम्मेदारी लेने वाले निगम के क्लर्क राजेंद्र यादव को सस्पेंड कर दिया गया। ऑर्डर में कहा गया है कि सहायक ग्रेड- 3 के एम्पलॉई ने दशहरा उत्सव 2022 के लिए रावण का पुतला बनाने में गंभीर लापरवाही की है, जिस कारण डीएमसी की छवि खराब हुई है। उनको सस्पेंड करने के बाद उनकी जगह अन्य कर्मचारी समर्थ रणसिंह को नियुक्त किया गया है।

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