रायपुर के बिजनैसमेन प्रवीण सोमानी का फिरौती के मकसद से बदमाशों ने किडनैप कर लिया था। लेकिन छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश पुलिस की सूझबूझ और रणनीति के चलते बदमाश उन्हें छोड़कर भाग निकले।

रायपुर, छत्तीसगढ़. 14 दिन पहले किडनैप हुए बिजनेमैन प्रवीण सोमानी को छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के बाद छुड़ा लिया गया। बदमाश सोमानी को यूपी के फैजाबाद-सुल्तानपुर के बीच बुधवार तड़के करीब 4 बजे एक झोपड़ी में बेसुध छोड़कर भाग निकले। हालांकि पुलिस ने बदमाशों को अंडरग्राउंड होने से पहले ही दबोच लिया। पुलिस ने गिरोह के लीडर पप्पू चौधरी के रिश्तेदार अनिल चौधरी के अलावा मुन्ना नायक को पकड़ लिया है। सोमानी को वहां से दिल्ली लाया गया। दिल्ली से सोमानी को लाने एसएसपी शेख आरिफ हुसैन स्वयं वहां गए थे। उनके साथ प्रवीण की पत्नी भी थीं। बुधवार रात करीब 12 बजे सभी रायपुर पहुंचे।

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डीजीपी डीएम अवस्थी ने आधी रात प्रेस कान्फ्रेंस करके किडनैपिंग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी पप्पू चौधरी को दबोचने एसएसपी आरिफ शेख खुद दो दिनों तक बिहार में सर्चिंग कराते रहे। आरोपियों ने सूरत की जेल में अपहरण की प्लानिंग की थी। करीब तीन महीने पहले इसकी रेकी कराई गई थी। पप्पू 8 लोगों को लेकर 8 जनवरी को रायपुर पहुंचा था। उन्होंने खुद को ईडी का अफसर बताकर प्रवीण को अपनी गाड़ी में बैठाया था।

किडनैपिंग के 8वें दिन पुलिस को ओडिशा के एक युवक से इसका क्लू मिला था। वहां एएसपी तारकेश्वर पटेल के नेतृत्व में एक टीम भेजी गई। वहां से मुन्ना को उठाया गया। उसने सोमानी के छुपाने के अड्डे का पता बता दिया। मंगलवार रात से पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। 

प्रवीण का बेटा उनके गायब होने के बाद से उदास था। जैसे ही प्रवीण रायपुर पहुंचे, उन्हें देखकर वो दौड़कर गले से लिपटकर रोने लगा। प्रवीण भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।