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सौरव गांगुली को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, अगले तीन साल तक बने रह सकते हैं बीसीसीआई के अध्यक्ष

बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और सचिव जय शाह अब अगले तीन साल तक अपने पद पर बने रह सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए जरूरी बीसीसीआई के संविधान में संशोधन को अनुमति दी है।
 

BCCI president Sourav Ganguly tight lipped after favourable Supreme Court order vva
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First Published Sep 14, 2022, 9:45 PM IST

नई दिल्ली। बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और सचिव जय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बुधवार को कोर्ट ने बीसीसीआई के संविधान में संशोधन को अनुमति दी। इससे सौरव गांगुली और जय शाह के अगले तीन साल तक अपने पद पर बने रहने का रास्ता खुल गया है। 

दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट से अनुकूल फैसला आने के बाद सौरव गांगुली बुधवार को चुप्पी साधे रहे। गांगुली ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बयान नहीं देना चाहते। यह पूछे जाने पर कि यह बीसीसीआई की जीत है या नहीं? उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर है। यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला है। उन्होंने जो अच्छा सोचा है, वह आदेश दिया है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करता। 

दो कार्यकाल के बाद पूरा करना होगा कूलिंग-ऑफ 
जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने बुधवार को आदेश दिया कि एक पदाधिकारी का लगातार 12 साल का कार्यकाल हो सकता है, जिसमें राज्य संघ में छह साल और बीसीसीआई में तीन साल की कूलिंग-ऑफ अवधि शुरू होने से पहले छह साल शामिल हैं। पीठ ने कहा कि एक पदाधिकारी बीसीसीआई और राज्य संघ दोनों स्तरों पर लगातार दो कार्यकाल के लिए एक विशेष पद पर काम कर सकता है। इसके बाद उसे तीन साल की कूलिंग-ऑफ अवधि पूरी करनी होगी।

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पहले जरूरी था कूलिंग-ऑफ 
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह बोर्ड में अपने-अपने पदों को बरकरार रख सकते हैं। गांगुली और शाह का बोर्ड में पहला कार्यकाल अनिवार्य 'कूलिंग ऑफ पीरियड' के कारण सितंबर में समाप्त हो गया था। अब इसे बदला जा सकता है। बीसीसीआई द्वारा अपनाए गए संविधान के अनुसार एक पदाधिकारी को राज्य संघ या बीसीसीआई या दोनों संयुक्त रूप से लगातार दो कार्यकालों के बीच तीन साल की कूलिंग-ऑफ अवधि से गुजरना पड़ता था।

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