वर्ल्डविजेता कप्तान और टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर कपिलदेव 1997 में अपने करियर के सबसे बुरे दौर से गुजरे थे। उस समय उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि रिश्वत लेने से पहले मैने सुसाइड कर लिया होता। 

नई दिल्ली. वर्ल्डविजेता कप्तान और टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर कपिलदेव 1997 में अपने करियर के सबसे बुरे दौर से गुजरे थे। उस समय उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि रिश्वत लेने से पहले मैने सुसाइड कर लिया होता। दरअसल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कपिलदेव को भारतीय टीम का कोच बना दिया गया था। इसी समय उनके साथी खिलाड़ी मनोज प्रभाकर ने तहलका को दिए गए इंटरव्यू में कहा था कि 1994 में हुए सिंगर कप वनडे टूर्नामेंट में कपिलदेव ने उन्हें 25 लाख रुपए की रिश्वत देने की बात कही थी और बदले में उन्हें जान बूझकर खराब गेंदबाजी करनी थी। इस इंटरव्यू के सामने आने के बाद कपिलदेव ने अपने करियर का सबसे बुरा दौर देखा था और उन्हें जमकर आलोचना का सामना करना पड़ा था। 

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प्रभाकर का बयान सामने आने के बाद कपिलदेव ने भारतीय टीम के कोच का पद छोड़ दिया था और प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खुद पर लगे आरोपों को खारिज किया था। साथ ही उन्होंने मनोज प्रभाकर उनकी इज्जत डुबाने के आरोप भी लगाए थे। इस दौरान कपिलदेव ने करण थापर को दिए घए इंटरव्यू में कहा था "मैने रिश्वत लेने से पहले आत्महत्या कर ली होती। आप मुझसे मेरा सारा पैसा ले लीजिए, मुझे यह नहीं चाहिए। मैं एक ऐसे परिवार से आता हूं, जहां मान सम्मान सबसे पहले आता है।"

मनोज प्रभाकर ही आरोपी 
इस घटना के तीन साल बाद दिल्ली पुलिस ने साउथ अफ्रीकी क्रिकेटर और बुकी के बीच बातचीत की सीडी हासिल की और पूरे मामले का खुलासा हुआ था। साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी क्रोंजे ने पहले आनाकानी करने के बाद खुद पर लगे आरोपों को स्वीकार किया और दुनियाभर के कई खिलाड़ियों के नाम गिनाए जो इसमें शामिल थे। इन नामों में एक नाम मनोज प्रभाकर का भी था।