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दिल्ली के स्कूल और शिक्षा व्यवस्था पर आमने- सामने हुए केजरीवाल और अमित शाह, एक-दुसरे पर लगाए ऐसे आरोप......

आप के राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को अमित शाह को कहा कि वह शिक्षा को ‘‘ओछी राजनीति’’ का हिस्सा नहीं बनाएं और न ही छात्रों, शिक्षकों और दिल्ली के सरकारी स्कूलों के अभिभावकों की कड़ी मेहनत का मजाक उड़ाएं

Arvind Kejriwal and Amit Shah Twitter war on Delhi school and education system kpm
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New Delhi, First Published Jan 25, 2020, 6:16 PM IST
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नई दिल्ली: आप के राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को अमित शाह को कहा कि वह शिक्षा को ‘‘ओछी राजनीति’’ का हिस्सा नहीं बनाएं और न ही छात्रों, शिक्षकों और दिल्ली के सरकारी स्कूलों के अभिभावकों की कड़ी मेहनत का मजाक उड़ाएं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री का यह जवाब शाह के उस आरोप के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि आप ने सत्ता में आने के बाद नये स्कूल नहीं बनवाए और मौजूदा स्कूलों की स्थिति में भी गिरावट आई है।

गृहमंत्री अमित शाह ने किया ट्वीट

शाह ने ट्वीट किया, ‘‘केजरीवाल जी ने 500 स्कूल बनाने का वादा किया था। नए स्कूल बनाना तो दूर, वर्तमान स्कूलों की भी हालत जर्जर हो चुकी है। 700 स्कूलों में प्रधानाध्यापक नहीं हैं, 1,000 से अधिक स्कूलों में विज्ञान शाखा ही नहीं है, 19,000 शिक्षकों की कमी है। केजरीवाल सरकार शिक्षा बजट का 30% खर्च ही नहीं कर पाई।’’

केजरीवाल ने दी प्रतिक्रिया

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने शाह को खुद दिल्ली में सरकारी स्कूलों की स्थिति देखने का न्योता दिया। यहां एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा को अपनी ओछी राजनीति का हिस्सा नहीं बनाएं। कृपया समय निकालें और मेरे साथ आकर सरकारी स्कूलों का दौरा करें। आप पूरे दिन नकारात्मकता से घिरे रहते हैं। हमारे छात्रों से मिलिए आपको कुछ सकारात्मकता मिलेगी। शिक्षा पर सकारात्मक राजनीति कीजिए।’’

केजरीवाल ने कहा, ‘‘छात्रों, शिक्षकों और दिल्ली के सरकारी स्कूलों के अभिभावकों की मेहनत का मजाक मत बनाइए।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व मंत्री और चार बार विधायक रहे हरशरण सिंह बल्ली आप में शामिल हो रहे हैं। बल्ली भी इस संवाददाता सम्मेलन में शामिल थे।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
 

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