दिल्ली विधानसभा की कस्तूरबा नगर सीट (Kasturba Nagar assembly constituency) सामान्य सीट है। इसे 1972 में बनाया गया था। यह नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। बीजेपी के कैंडिडेट 5 बार इस सीट से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की कस्तूरबा नगर सीट (Kasturba Nagar assembly constituency) सामान्य सीट है। इसे 1972 में बनाया गया था। यह नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। बीजेपी के कैंडिडेट 5 बार इस सीट से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार आप के मदन लाल ने जीत दर्ज की। जबकि बीजेपी के रविंद्र चौधरी दूसरे नंबर पर रहे।

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पहली बार कांग्रेस ने दी थी भारतीय जनसंघ को मात
साल 1972 में बनी इस सीट पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनसंघ और कांग्रेस के बीच था। जिसपर कांग्रेस के सीएल बाम ने जनसंघ के सनवल दास को 4,395 वोट से हराया था। सीएल बाम को कुल 12,578 और सनवल दास को 8,183 वोट मिले थे। 

आप ने बीजेपी और कांग्रेस से छीनी थी ये सीट
1972 के बाद 1977 से इस सीट पर लगातार जीतती आ रही बीजेपी पर कांग्रेस ने 2008 में ब्रेक लगाया था। जबकि 2013 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर आप के मदन लाल ने कुल 33,609 वोट के साथ जीत दर्ज की। वहीं, बीजेपी की शिखा रॉय 28,935 वोटों के साथ दूसरे नंबर और कांग्रेस के नीरज 24,227 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे। 2015 में भी आप के मदन लान ने अपनी जीत को कायम रखा और 50,766 वोटों के साथ विजयी रहे। जबकि बीजेपी के रविंद्र चौधरी को 34,870 और कांग्रेस के नीरज को 11,233 वोट से संतोष करना पड़ा।

कस्तूरबा नगर नई दिल्ली क्षेत्र में आता है। यहां कई तरह की समस्याओं का सामना लोगों को करना पड़ता है, जिनमें गंदगी और पानी की कमी प्रमुख है। यहां का प्राचीन पीपल महादेव मंदिर, श्री हनुमान मंदिर और श्री दुर्गा मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है। दूसरे इलाकों से भी लोग यहां के मंदिरों में दर्शन करने आते हैं।