गुजरात चुनाव में आयोग ने 13 हजार से ज्यादा पोलिंग बूथ पर निगाह के लिए अपनाई ये तकनीक, जानिए क्यों जरूरी था

| Dec 01 2022, 05:17 PM IST

गुजरात चुनाव में आयोग ने 13 हजार से ज्यादा पोलिंग बूथ पर निगाह के लिए अपनाई ये तकनीक, जानिए क्यों जरूरी था
गुजरात चुनाव में आयोग ने 13 हजार से ज्यादा पोलिंग बूथ पर निगाह के लिए अपनाई ये तकनीक, जानिए क्यों जरूरी था
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सार

Gujarat Assembly Election 2022: पहले चरण की वोटिंग शाम पांच बजे खत्म हो गई। दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 5 दिसंबर को होगी। पहले चरण के आधे से ज्यादा पोलिंग बूथ पर चुनाव आयोग ने वेब कास्टिंग कराई है। 

गांधीनगर। Gujarat Assembly Election 2022: गुजरात विधानसभा चुनाव में पहले चरण की वोटिंग शाम पांच बजे खत्म हो गई। वोटिंग 19 जिलों की 89 विधानसभा सीट पर हो रही थी। चुनाव आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 13 हजार 65 पोलिंग बूथ पर लाइव वेबकास्टिंग भी कराई है। जिन जिलों के पोलिंग बूथ पर चुनाव आयोग ने वेब कास्टिंग कराई है, उनमें सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिण गुजरात के इलाके शामिल हैं। 

मुख्य चुनाव अधिकारी पी. भारती के अनुसार, गुजरात में पहले चरण के लिए हुई वोटिंग पर चुनाव आयोग लगातार निगाह बनाए हुए था। साथ ही, राज्य के 50 प्रतिशत से ज्यादा पोलिंग बूथ की लाइव वेब कास्टिंग के जरिए सुबह से निगरानी की गई। भारती ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक सभी इंतजाम किए गए थे। बता दें कि पहले चरण में कुल 25 हजार 430 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। इसमें 13 हजार 65 केंद्रों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम विद्या समीक्षा केंद्र में बनाया गया था, जहां राज्य स्तर की टीम तैनात थी। कंट्रोल रूम में 42 अधिकारी सुबह करीब साढ़े बजे से तैनात थे। 

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निगरानी के लिए राज्य स्तरीय टीम तैनात की गई थी 
भारती के अनुसार, इस कंट्रोल रूम में वेब कास्टिंग के जरिए निगरानी के लिए कुछ बड़े अधिकारियों को भी नियुक्त किया गया था। बता दें कि दूसरे चरण के लिए वोटिंग 5 दिसंबर को होगी और वोटों की गिनती 8 दिसंबर को की जाएगी। इस चरण में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अलावा 36 दूसरे राजनीतिक दलों के उम्मीदवार भी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें बहुजन समाज पार्टी यानी सपा, समाजवादी पार्टी यानी सपा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी यानी भाकपा (मार्क्सवादी), भारतीय ट्राइबल पार्टी यानी बीटीपी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन यानी एआईएमआईएम जैसी पार्टियां शामिल हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी इस बार कांग्रेस के साथ गठबंधन में लड़ रही है। 

आप के 88 उम्मीदवार ही मैदान में थे 
पहले चरण में भाजपा और कांग्रेस सभी 89 सीट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि आप 88 सीट पर मैदान में है। हालांकि, आप ने भी सभी 89 सीट पर प्रत्याशी उतारे थे। उसके सभी प्रत्याशी ने नामांकन भी किया था, मगर नामांकन के कुछ दिन बाद ही सूरत-पूर्व विधानसभा सीट से आप के प्रत्याशी कंचन जरीवाला ने पार्टी में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए नाम वापस ले लिया था। पहले चरण में बसपा के जहां 57 उम्मीदवार थे वहीं, बीटीपी के 14 और माकपा ने चार प्रत्याशी मैदान में थे। इस चरण में 339 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे। 

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