Asianet News HindiAsianet News Hindi

BJP सांसद वरुण गांधी ने अपनी सरकार को घेरा, कहा- देश में भ्रष्टाचार, महंगाई और आर्थिक नीतिगत अव्यवस्था

वरुण गांधी ने सोशल मीडिया (Social Media)पर लिखा, 'भ्रष्टाचार, महंगाई और आर्थिक नीतिगत अव्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में छोटे उत्पादक और दुकानदार काम-धंधा बंद करने पर मजबूर हैं। एमेजॉन, वालमार्ट के बजाय अपने पड़ोस के छोटे दुकानदारों से खरीदारी करके इनका साथ दीजिए। वैश्विक मंदी के समय इन्होंने ही देश की अर्थव्यवस्था को संभाला था'।

BJP MP Varun Gandhi surrounded his government said corruption inflation and economic policy disorder in the country
Author
Pilibhit, First Published Dec 8, 2021, 6:54 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

पीलीभीत: भाजपा सांसद वरुण गांधी (Varun Gandhi)ने बुधवार को एक बार फिर अपनी सरकार को घेरा है। उन्होंने भ्रष्टाचार और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया और लोगों से छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने की अपील भी की है। वरुण गांधी ने सोशल मीडिया (Social Media)पर लिखा, 'भ्रष्टाचार, महंगाई और आर्थिक नीतिगत अव्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में छोटे उत्पादक और दुकानदार काम-धंधा बंद करने पर मजबूर हैं। एमेजॉन, वालमार्ट के बजाय अपने पड़ोस के छोटे दुकानदारों से खरीदारी करके इनका साथ दीजिए। वैश्विक मंदी के समय इन्होंने ही देश की अर्थव्यवस्था को संभाला था'।

इससे पहले वरुण गांधी ने किसानों के फसल जलाने पर BJP को घेरा था। उत्तर प्रदेश के किसान समोध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी धान की फसल को बेचने के लिए मंडियों में मारे-मारे फिर रहे थे, जब धान बिका नहीं तो निराश होकर इसमें आग लगा दी। इस पर वरुण ने सवाल उठाए थे- 'इस व्यवस्था ने किसानों को कहां लाकर खड़ा कर दिया है? कृषि नीति पर पुनर्चिंतन आज की सबसे बड़ी जरूरत है'। वरुण गांधी तीन कृषि कानूनों को लेकर भी मुखर रहे हैं।

वरुण गांधी ने कहा- बच्चों पर बर्बर लाठीचार्ज

पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी से सांसद वरुण गांधी ने लखनऊ में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर भी सरकार को घेरा था। उन्होने ट्वीट कर कहा था कि यह सभी बच्चे भी मां भारती के लाल हैं, इनकी बात मानना तो दूर, कोई सुनने को तैयार नहीं है। इस पर भी इनके ऊपर ये बर्बर लाठीचार्ज। अपने दिल पर हाथ रखकर सोचिए क्या ये आपके बच्चे होते तो इनके साथ यही व्यवहार होता।आपके पास रिक्तियां भी हैं और योग्य अभ्यर्थी भी, तो भर्तियां क्यों नहीं।
 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios