- Home
- Entertainment
- किस मजबूरी ने अर्चना पूरन सिंह से करवाईं सी-ग्रेड फिल्में, 33 साल बाद खोला पति का 1 बड़ा राज
किस मजबूरी ने अर्चना पूरन सिंह से करवाईं सी-ग्रेड फिल्में, 33 साल बाद खोला पति का 1 बड़ा राज
वेटरन एक्ट्रेस अर्चना पूरन सिंह ने हाल ही में अपनी जिंदगी के उस दौर को याद किया, जो उनके लिए भावनात्मक और मानसिक रूप से बेहद मुश्किल था। उन्होंने बताया कि परिवार को आर्थिक रूप से संभालने के लिए उन्हें सी-ग्रेड फिल्में तक करनी पड़ीं।

अर्चना पूरन सिंह ने इस बात का खुलासा अपने पति परमीत सेठी के साथ अपने YouTube चैनल पर बातचीत के दौरान किया। अर्चना के मुताबिक, एक दौर ऐसा भी था, जब उनका परिवार तंगहाली में था। ऐसे में उन्हें अपने घर की माली हालत को देखते हुए ऐसी फिल्में भी करनी पड़ीं, जिनसे वह खुद संतुष्ट नहीं थीं।
शादी के शुरुआती साल: करियर और पैसों की चुनौती
1992 में शादी करने वाले अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी ने बताया कि उनके वैवाहिक जीवन के शुरुआती साल काफी संघर्ष भरे थे। उस समय अर्चना इंडस्ट्री में एक स्थापित नाम थीं, जबकि परमीत अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे। इस वजह से घर की जिम्मेदारी मुख्य रूप से अर्चना के कंधों पर आ गई थी, जिसने उनके रिश्ते में एक अनकहा दबाव पैदा कर दिया।
अंदर ही अंदर उलझन में थीं अर्चना
अर्चना ने माना कि बाहर से वह खुद को आत्मविश्वासी दिखाती थीं, लेकिन अंदर ही अंदर वह उलझन में थीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी मां को हमेशा अपने पिता पर निर्भर रहते देखा था और अनजाने में वह अपनी शादी में भी वही भावनात्मक सहारा चाहती थीं। जब ऐसा नहीं हो पाया, तो वह अपनी भावनाओं को साफ शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकीं।
असमंजस के हालातों ने रिश्ते में डाली दरार
अर्चना पूरनसिंह ने स्वीकार किया कि उनकी उलझन की वजह से परमीत को अक्सर कन्फ्यूजिंग सिग्नल मिलते थे। कभी वह उन्हें कहती थीं कि पैसे कमाना जरूरी नहीं है और कभी ज्यादा कमाने के लिए प्रेरित करती थीं। इस असमंजस ने रिश्ते में चुपचाप तनाव बढ़ा दिया।
मुंबई में जिंदा रहने की मजबूरी
अर्चना ने बताया कि मुंबई में उस दौर में उनका सिर्फ एक ही उसूल था। कोई भी काम मना नहीं करना। उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता घर चलाना और खाने का इंतजाम करना था। इसी वजह से उन्होंने कई लो-बजट और सी-ग्रेड फिल्मों में काम किया, जिनसे वह खुश नहीं थीं। यह उनके लिए समझौता नहीं, बल्कि जिंदा रहने की मजबूरी थी।
काम के समझौते से अंदर ही अंदर पैदा हुआ गुस्सा
समय के साथ यह व्यावहारिक सोच उन्हें भावनात्मक रूप से थकाने लगी। अर्चना ने कहा कि उनके अंदर धीरे-धीरे गुस्सा बढ़ता गया। उन्हें लगता था कि अगर परमीत ने एक बार भी उन्हें आर्थिक रूप से सहारा दिया होता, तो शायद उन्हें ऐसे प्रोजेक्ट्स नहीं करने पड़ते, जिन पर वह विश्वास नहीं करती थीं।
परमीत सेठी ने अपनी सफाई में क्या कहा?
परमीत सेठी ने अर्चना की बातों से पूरी तरह सहमति नहीं जताई और अपना पक्ष भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि वह अर्चना से 7 साल छोटे हैं और उस समय अपने करियर के शुरुआती दौर में थे। ऐसे में कोई भी गलत फैसला उनका करियर शुरू होने से पहले ही खत्म कर सकता था।
खुद को लीडिंग मैन बनाने का सपना और रिस्क से दूरी
परमीत के मुताबिक, जब अर्चना पहले से ही एक बड़ा नाम थीं, वह खुद को एक लीडिंग मैन के तौर पर स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे। वह ऐसे प्रोजेक्ट्स नहीं करना चाहते थे, जो उनके प्रोफेशनल लक्ष्यों के खिलाफ हों, क्योंकि इससे उनका सपना खतरे में पड़ सकता था।
मनोरंजन जगत की सबसे खास खबरें अब एक क्लिक पर। फिल्में, टीवी शो, वेब सीरीज़ और स्टार अपडेट्स के लिए Bollywood News in Hindi और Entertainment News in Hindi सेक्शन देखें। टीवी शोज़, टीआरपी और सीरियल अपडेट्स के लिए TV News in Hindi पढ़ें। साउथ फिल्मों की बड़ी ख़बरों के लिए South Cinema News, और भोजपुरी इंडस्ट्री अपडेट्स के लिए Bhojpuri News सेक्शन फॉलो करें — सबसे तेज़ एंटरटेनमेंट कवरेज यहीं।

