आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। सोमवार 20 अप्रैल को वाराणसी में उनके बेटे आनंद और पोती जनाई ने गंगा में अस्थि विसर्जन किया। इस दौरान जनाई भोसले भावुक नजर आईं। आशा भोसले का 12 अप्रैल को मल्टी ऑर्गन फेल्योर के चलते निधन हो गया था।

Asha Bhosle Asthi Visarjan in Ganga at Varanasi: मशहूर गायिका आशा भोंसले का 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में निधन हो गया। 20 अप्रैल को उनके बेटे आनंद भोसले और पोती जनाई ने वाराणसी पहुंचकर पवित्र गंगा में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अस्थि विसर्जन किया। अस्थि विसर्जन के दौरान सामने आए वीडियो और तस्वीरों में ज़नाई भोसले काफी भावुक नजर आईं। नाव पर सवार होकर आनंद और जनाई ने प्रार्थनाएं कीं और सभी धार्मिक परंपराओं का पालन किया।

पोती ने सोशल मीडिया पर दी भावुक श्रद्धांजलि

अस्थि विसर्जन से एक दिन पहले जनाई ने अपनी दादी के साथ कुछ तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने एक भावुक संदेश लिखा, जिसमें कहा कि आशा भोसले ने उन्हें जीना सिखाया, लेकिन उनके बिना जीना नहीं सिखाया। उन्होंने यह भी लिखा कि हर पल उन्हें उनकी कमी महसूस होती है और वह हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेंगी।

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अब मैं किसके साथ चाय पियूं

आशा भोंसले का अंतिम संस्कार 13 अप्रैल को मुंबई में हुआ था। अंतिम संस्कार के बाद पोती जनाई ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपने दिल की बात लिखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी सबसे अच्छी दोस्त और जीवन का सबसे खास हिस्सा खो दिया है। उन्होंने यह भी लिखा कि अब वह सुबह उठकर किसे गले लगाएं और किसके साथ चाय पिएं, यह सोचकर ही वह बेहद इमोशनल हो जाती हैं।

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राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

आशा भोसले के पार्थिव शरीर को उनके आवास पर श्रद्धांजलि के लिए रखा गया था। सम्मान के रूप में उनके शरीर को भारतीय तिरंगे में लपेटा गया और पुलिस ने उन्हें राजकीय सम्मान दिया। लोअर परेल स्थित उनके घर पर दोपहर तक लोगों ने श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद अंतिम यात्रा शिवाजी पार्क शवदाह गृह, दादर के लिए रवाना हुई।शाम 4 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया था। बता दें कि आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल की सुबह मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण हुआ। उन्हें सीने में संक्रमण और कमजोरी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।