बिहार के जमुई कांड पर ‘धुरंधर’ फेम आयशा खान भड़क उठीं। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में ‘मोरल पुलिसिंग’ पर सवाल उठाते हुए महिलाओं की आजादी पर रोक की सोच को घेरा।

बिहार के जमुई से सामने आए एक मामले ने सोशल मीडिया पर पहले ही हलचल मचा रखी थी, लेकिन अब इस पर बॉलीवुड एक्ट्रेस आयशा खान के रिएक्शन ने चर्चा को और तेज कर दिया है। ‘धुरंधर’ फेम एक्ट्रेस ने वायरल हुए वीडियो देखने के बाद कुछ ऐसे सवाल उठाए, जो सीधे उस सोच पर निशाना साधते हैं जिसके नाम पर महिलाओं से बार-बार सवाल किए जाते हैं। वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में पुलिस की कार्रवाई भी लगातार आगे बढ़ रही है और 22 सितंबर को जांच के दौरान एक बड़ा अपडेट सामने आया। आखिर ऐसा क्या हुआ था कि आयशा ने इसे ‘हद से ज्यादा घिनौना’ बताया और पुलिस को मुख्य आरोपी तक पहुंचने के लिए मुठभेड़ का सामना करना पड़ा?

आयशा खान ने जमुई केस पर क्या कहा?

घटना के वीडियो देखने के बाद आयशा खान ने लिखा, “बिहार में जो हुआ उसे देखकर मुझे सच में बहुत बुरा महसूस हो रहा है। कल्पना कीजिए कि आपको घेर लिया गया हो, आप डरे हुए और अपमानित महसूस कर रहे हों, जबकि लोग खड़े होकर आपको देख रहे हैं और रिकॉर्ड कर रहे हैं।” इसके बाद उन्होंने मामले को ‘मोरलिटी’ या संस्कृति से जोड़ने वालों को भी खरी-खरी सुनाई।

‘संस्कृति के नाम पर उत्पीड़न बंद करो’

आयशा ने अपनी दूसरी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, “इसे मोरलिटी कहना बंद करो। ‘संस्कृति’ के पीछे उत्पीड़न छिपाना बंद करो। यह घटिया है और हद से ज्यादा घिनौना है।” उन्होंने ‘मोरल पुलिसिंग’ की सोच पर सवाल उठाते हुए पूछा कि किसी महिला को परेशान करने का अधिकार आखिर किसने दिया। एक्ट्रेस ने उन लोगों को भी निशाने पर लिया, जो घटना के दौरान मदद करने के बजाय वीडियो रिकॉर्ड करते रहे। उन्होंने पीड़ित को जिम्मेदार ठहराने वाली सोच पर सवाल उठाया और कहा कि महिलाओं को कपड़े बदलने, कुछ जगहों पर न जाने या रात में बाहर न निकलने की सलाह देने के बजाय ऐसी कार्रवाई जरूरी है जिससे उत्पीड़न करने वालों में परिणाम का डर पैदा हो।

जमुई में 19 सितंबर को क्या हुआ था?

पुलिस के मुताबिक, 19 सितंबर की शाम दो 10वीं कक्षा के छात्र कोचिंग के बाद लौट रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों एक पहाड़ी इलाके में गए थे और लौटते वक्त एक समूह ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि दोनों के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई और घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

नंदन यादव एनकाउंटर में घायल, अब 5 गिरफ्तार

मामले में करीब सात लोगों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है। शुरुआती कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था और जांच के लिए एसआईटी बनाई गई। 22 सितंबर को पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी नंदन यादव को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान वह मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया। एक अन्य आरोपी भी पकड़ा गया, जिसके बाद गिरफ्तारियों की संख्या पांच हो गई।

वायरल वीडियो शेयर करने वालों पर भी कार्रवाई

मामले में पुलिस ने वीडियो के प्रसार को लेकर भी कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, क्योंकि वीडियो में नाबालिग पीड़ित की पहचान सामने आने का खतरा था। पुलिस ने ऐसी सामग्री साझा करने को गंभीर अपराध बताया है।