आयुष्मान खुराना ‘उड़ता तीर’ के साथ नए निर्देशकों की सात फिल्मों का सफर पूरा करेंगे। फिल्म 9 अक्टूबर 2026 को रिलीज होगी और आकाश ए. कौशिक का डेब्यू है।

Ayushmann Khurrana ने पिछले एक दशक से ज्यादा समय में हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनकी फिल्म चॉइस अक्सर उन कहानियों के इर्द-गिर्द रही है, जो पारंपरिक सोच और स्थापित धारणाओं को चुनौती देती हैं। खास बात यह है कि आयुष्मान ने सिर्फ अलग विषयों वाली फिल्मों का चुनाव नहीं किया, बल्कि कई बार नए और उभरते फिल्ममेकर्स को भी अपनी कहानी कहने का मौका दिया है। अब उनकी आने वाली फिल्म ‘उड़ता तीर’ के साथ नए निर्देशकों के साथ काम करने का यह सिलसिला सात फिल्मों तक पहुंच जाएगा। फिल्म का निर्देशन आकाश ए. कौशिक कर रहे हैं, जो बतौर फीचर डायरेक्टर अपनी शुरुआत कर रहे हैं।

Ayushmann Khurrana Films: सात फिल्मों में सात उभरते निर्देशक

आयुष्मान खुराना का नए निर्देशकों के साथ काम करने का सफर ‘दम लगा के हईशा’ से शुरू हुआ था। इस फिल्म का निर्देशन शरत कटारिया ने किया था। इसके बाद अभिनेता ने लगातार ऐसे फिल्ममेकर्स के साथ काम किया, जिनके लिए वह प्रोजेक्ट उनके करियर के शुरुआती महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल था। उनकी इस खास लिस्ट में ये फिल्में शामिल हैं-

  • दम लगा के हईशा: शरत कटारिया
  • शुभ मंगल सावधान: आर. एस. प्रसन्ना
  • ड्रीम गर्ल: राज शांडिल्या
  • शुभ मंगल ज्यादा सावधान: हितेश केवल्या
  • डॉक्टर जी: अनुभूति कश्यप
  • एन एक्शन हीरो: अनिरुद्ध अय्यर
  • उड़ता तीर: आकाश ए. कौशिक

इन फिल्मों के बॉक्स ऑफिस नतीजे एक जैसे नहीं रहे, लेकिन इनका एक साझा पहलू है- आयुष्मान ने ऐसे फिल्ममेकर्स के साथ काम किया, जिनके पास अलग नजरिया और अपनी तरह की कहानी कहने की कोशिश थी।

Ayushmann Khurrana New Film: ‘उड़ता तीर’ में आकाश ए. कौशिक का डायरेक्टोरियल डेब्यू

‘उड़ता तीर’ लेखक आकाश ए. कौशिक के फीचर डायरेक्टोरियल डेब्यू के तौर पर सामने आ रही है। फिल्म को उन्होंने ही लिखा और निर्देशित किया है। यह एक देशभक्ति पर आधारित कॉमेडी बताई जा रही है और 9 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

नए निर्देशक के साथ काम करने को लेकर आयुष्मान का कहना है कि उनके लिए फिल्म चुनते समय सबसे अहम चीज स्क्रिप्ट होती है। वह इस आधार पर फैसला नहीं करते कि निर्देशक पहली फिल्म बना रहा है या पहले कई प्रोजेक्ट कर चुका है। उनके मुताबिक, अगर कहानी और फिल्ममेकर का विजन उन्हें उत्साहित करता है तो वह उस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना पसंद करते हैं। अभिनेता ने यह भी कहा कि उनके करियर के कुछ यादगार अनुभव नए लोगों के साथ काम करने से आए हैं।

‘मेरे लिए स्क्रिप्ट हमेशा सबसे पहले आती है’- Ayushmann Khurrana

आयुष्मान ने अपने काम करने के तरीके को लेकर कहा कि उनके लिए स्क्रिप्ट सबसे पहले आती है। उनके अनुसार, वह यह नहीं देखते कि कोई फिल्ममेकर पहली फिल्म निर्देशित कर रहा है या दसवीं। वह यह देखना चाहते हैं कि कहानी में ऐसा क्या है जो उन्हें उत्साहित करे।

अभिनेता का मानना है कि नए फिल्ममेकर्स अपने साथ एक अलग ऊर्जा और ताजगी लेकर आते हैं। उनके पास किसी जानी-पहचानी चीज को नए नजरिए से देखने का साहस भी हो सकता है। आयुष्मान के मुताबिक, जब किसी कहानी के पीछे फिल्ममेकर का विश्वास मजबूत हो, तो उसे समर्थन मिलना चाहिए।

यही सोच उनके करियर की फिल्म चॉइस में भी दिखाई देती है। बॉडी इमेज और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसे विषयों से लेकर LGBTQ+ प्रेम, असामान्य रिश्तों और आम आदमी पर पड़ने वाले सामाजिक दबावों तक, उनकी कई फिल्मों ने मुश्किल और कम चर्चा वाले विषयों को मनोरंजक अंदाज में सामने रखा है।

Udata Teer: स्पाई कॉमेडी में दिखेगा आयुष्मान का नया अंदाज

‘उड़ता तीर’ में आयुष्मान खुराना एक अलग तरह की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में वह बिलाल अहमद का किरदार निभा रहे हैं, जो एक पाकिस्तानी जासूस है। कहानी में याददाश्त खोने के बाद वह खुद को भारतीय समझने लगता है। फिल्म की कहानी जासूसी, कॉमेडी और देशभक्ति के तत्वों को एक साथ जोड़ती है। ट्रेलर लॉन्च के दौरान आयुष्मान ने इसे ‘पैट्रियॉटिक कॉमेडी’ बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वह स्क्रिप्ट की मांग के मुताबिक खुद को ढालते हैं और खुद को ‘डायरेक्टर का बेबी’ मानते हैं। यानी किरदार और फिल्म की जरूरत के हिसाब से निर्देशक की सोच के अनुरूप चलना उनके लिए महत्वपूर्ण है।

Ayushmann on Udata Teer: ‘आकाश की बनाई दुनिया ने आकर्षित किया’

‘उड़ता तीर’ को लेकर आयुष्मान ने कहा कि इस फिल्म में उन्हें केवल इसका जॉनर ही आकर्षित नहीं करता था, बल्कि वह पूरी दुनिया भी महत्वपूर्ण थी जिसे आकाश ए. कौशिक ने तैयार किया है। उनके अनुसार ऐसी स्क्रिप्ट कम मिलती है, जो एक साथ अराजक, मजेदार, भावनात्मक और किसी बड़े विचार से जुड़ी हो। उन्होंने कहा कि वह आकाश के विजन के सामने खुद को पूरी तरह समर्पित करना चाहते थे और किरदार को उन्हें किसी अनपेक्षित दिशा में ले जाने देना चाहते थे।

आयुष्मान के लिए नए निर्देशकों के साथ काम करना किसी एक फिल्म तक सीमित प्रयोग नहीं है। यह उनकी व्यापक क्रिएटिव सोच का हिस्सा रहा है। उनकी फिल्मोग्राफी में ऐसे फिल्ममेकर्स के साथ बार-बार काम करने की कोशिश दिखाई देती है, जो जोखिम लेने और जानी-पहचानी कहानियों के तय फॉर्मूले से अलग जाने के लिए तैयार हों।

‘दम लगा के हईशा’ से ‘उड़ता तीर’ तक बदलती कहानी, कायम सोच

‘दम लगा के हईशा’ से शुरू होकर ‘उड़ता तीर’ तक पहुंचा यह सात फिल्मों का सफर सिर्फ सात निर्देशकों के साथ काम करने की सूची नहीं है। यह आयुष्मान खुराना की उस क्रिएटिव सोच को भी दिखाता है, जिसमें वह नए टैलेंट को शुरुआती दौर में पहचानने और उनके विचारों पर भरोसा करने की कोशिश करते रहे हैं।

उनके लिए निर्देशक का अनुभव या स्थापित नाम ही सबसे बड़ा पैमाना नहीं है। कहानी, उसका नजरिया और उसे पर्दे पर उतारने का विश्वास भी उतना ही मायने रखता है। यही वजह है कि उनकी फिल्मोग्राफी में ऐसे किरदार और विषय बार-बार नजर आते हैं, जो मुख्यधारा की हिंदी फिल्मों के पारंपरिक हीरो से अलग दिखाई देते हैं। अब ‘उड़ता तीर’ के जरिए यह सिलसिला एक और नए फिल्ममेकर तक पहुंच रहा है। फिल्म 9 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।