'Baby Do Die Do' में हुमा कुरैशी ने गूंगी-बहरी सुपारी किलर का दमदार किरदार निभाया है। सस्पेंस, एक्शन और अनएक्सपेक्टेड क्लाइमेक्स फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं।
हुमा कुरैशी की नई फिल्म 'बेबी डू डाई डू' इस हफ्ते सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। निर्देशक नचिकेत सामंत की यह एक्शन-क्राइम-सस्पेंस थ्रिलर एक ऐसी महिला सुपारी किलर की कहानी है, जो बोल और सुन नहीं सकती, लेकिन अपने साहस, दिमाग और एक्शन से हर चुनौती का सामना करती है। फिल्म सिर्फ मर्डर मिस्ट्री नहीं, बल्कि डार्क कॉमेडी, इमोशन और हाई-ऑक्टेन एक्शन का भी बेहतरीन मिश्रण पेश करती है। लगभग 2 घंटे 5 मिनट लंबी यह फिल्म शुरुआत से लेकर क्लाइमैक्स तक दर्शकों को बांधे रखने की कोशिश करती है। आइए जानते हैं कि यह फिल्म देखने लायक है या नहीं।

क्या है 'बेबी डू डाई डू' की कहानी?
फिल्म की शुरुआत दो जुड़वा बहनों से होती है, जिनमें से बेबी जन्म से गूंगी और बहरी है। बचपन में दोनों एक सुनसान फाइव स्टार होटल में एक हत्या की गवाह बन जाती हैं। हत्यारा बेबी की बहन की बेरहमी से हत्या कर देता है और यहीं से बेबी की जिंदगी बदल जाती है। बदले की आग में जल रही बेबी की मुलाकात पीएम जैन से होती है, जो उसे सुपारी किलिंग की दुनिया में ले जाता है। धीरे-धीरे बेबी एक प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट किलर बन जाती है। उसकी सबसे अनोखी पहचान यह है कि वह अपने शिकार को मारने के लिए छाते का इस्तेमाल करती है। हालांकि उसका असली मिशन सिर्फ सुपारी लेना नहीं, बल्कि अपनी बहन के कातिल तक पहुंचना है। कहानी कई अप्रत्याशित मोड़ों के साथ क्लाइमैक्स तक पहुंचती है।
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'बेबी डू डाई डू'में कैसी है स्टार कास्ट की एक्टिंग?
हुमा कुरैशी ने बेबी के किरदार में शानदार एक्टिंग की है। बिना किसी डायलॉग के उन्होंने सिर्फ चेहरे के भाव, बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर किरदार को जीवंत बना दिया है। उन्होंने एक ही फिल्म में एक प्रोफेशनल किलर, बदले की आग में जलती बहन और अपने रिश्तों को संभालने वाली महिला—इन तीनों रूपों को प्रभावशाली तरीके से निभाया है। यह उनके करियर के यादगार प्रदर्शनों में से एक माना जा सकता है। सिकंदर खेर ने शातिर बिल्डर जफर के किरदार में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। चंकी पांडे पीएम जैन के रोल में अपने अलग अंदाज से प्रभावित करते हैं। सीमा पाहवा महिला पुलिस अधिकारी के रूप में हमेशा की तरह सहज और असरदार लगी हैं। विद्या मालवडे, हिमांशु मलिक और बाकी कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय किया है।
'बेबी डू डाई डू' में कैसा है नचिकेत सामंत का डायरेक्शन?
डायरेक्टर नचिकेत सामंत ने पारंपरिक क्राइम थ्रिलर से हटकर अलग कहानी पेश की है। फिल्म में क्राइम, सस्पेंस, डार्क ह्यूमर, एक्शन और इमोशन का संतुलन देखने को मिलता है। मुंबई के अंडरवर्ल्ड को सिनेमैटोग्राफी के जरिए प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया है। स्टाइलिश एक्शन सीक्वेंस, दमदार बैकग्राउंड स्कोर और चुस्त एडिटिंग फिल्म को कहीं भी धीमा नहीं होने देते। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी अनोखी कहानी, हुमा कुरैशी की दमदार एक्टिंग,सस्पेंस से भरपूर स्क्रीनप्ले, स्टाइलिश एक्शन, अनएक्सपेक्टेड क्लाइमैक्स है।
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क्यों देखें 'बेबी डू डाई डू'
'बेबी डू डाई डू' एक अलग सोच के साथ बनाई गई स्टाइलिश क्राइम थ्रिलर है। अगर आपको सस्पेंस, डार्क थ्रिलर, दमदार महिला किरदार और अनप्रेडिक्टेबल क्लाइमैक्स वाली फिल्में पसंद हैं, तो यह फिल्म आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। हमारी ओर से इस फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार।
