सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ की सोमवार की कमाई में बड़ी गिरावट दिखी, लेकिन फिल्म का कुल कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है। जानिए चौथे दिन का बॉक्स ऑफिस हाल और ऑक्यूपेंसी।
आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी 'बंटवारा 1947' का जिस तरह से इंतज़ार किया जा रहा था, बॉक्स ऑफिस पर इसे उस तरह का रिस्पॉन्स नहीं मिला है। पहले दिन ही निराशाजनक ओपनिंग करने वाली यह फिल्म वीकेंड बीतते ही और भी कमज़ोर पड़ गई है। मंडे टेस्ट में यह फिल्म पूरी तरह फेल हो गई है। आलम यह है कि सनी देओल और प्रिटी जिंटा स्टारर यह फिल्म 4 दिन में इतनी कमाई भी नहीं कर सकी कि यह सनी देओल की फीस निकाल सके। अब देखना यह है कि फिल्म सप्ताह के बाकी दिनों में कैसा प्रदर्शन करती है और इसका लाइफटाइम कलेक्शन कहां जाकर रुकता है।
'बंटवारा 1947' ने चौथे दिन कितनी कमाई की?
सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, 'बंटवारा 1947' ने सोमवार को लगभग 2 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। अगर तीसरे दिन की कमाई (7.25 करोड़ रुपए) से तुलना करें तो इसमें लगभग 72.4 फीसदी की गिरावट आई है। फिल्म पहले सोमवार को देशभर में 6,771 शोज में दिखाई गई और इसकी ओवरऑल ऑक्यूपेंसी 9.37 प्रतिशत रही। चार दिन बाद फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 28.50 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं ग्रॉस कलेक्शन 33.95 करोड़ रुपए हुआ है। विदेशों में चौथे दिन फिल्म ने सिर्फ 75 लाख रुपए कमाए, जिसके चलते टोटल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 6.25करोड़ रुपए हो गया है। कुल मिलाकर फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर ग्रॉस 40.20 करोड़ रुपए कमा लिए हैं।
'बंटवारा 1947' का डे वाइज कलेक्शन
| दिन | भारत में कलेक्शन |
| शुक्रवार | 5.75 करोड़ रुपए |
| शनिवार | 13.50 करोड़ रुपए |
| रविवार | 7.25 करोड़ रुपए |
| सोमवार | 2 करोड़ रुपए |
| कुल कलेक्शन | 28.50 करोड़ रुपए |
'बंटवारा 1947' का बजट और रिकवरी
राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी 'बंटवारा 1947' का बजट लगभग 120 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स की मानें तो 45 करोड़ रुपए तो अकेले सनी देओल की फीस ही है। जबकि फिल्म अभी तक बॉक्स ऑफिस पर नेट 28.50 करोड़ रुपए ही कमा पाई है, जो लागत का 23.75 फीसदी है। कुल मिलाकर फिल्म बजट रिकवर करना तो दूर 4 दिन में सनी देओल की फीस निकालने में भी नाकामयाब रही है।
'बंटवारा 1947' की कहानी क्या है?
'बंटवारा 1947' में सनी देओल, प्रिटी जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल, अभिमन्यु सिंह और अली फजल अहम भूमिकाओं में हैं। कहानी भारत विभाजन के दौर की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है। फिल्म में सिकंदर मिर्जा (सनी देओल) अपने घर में फंसी एक हिंदू महिला की रक्षा करते हुए अपने परिवार को भी सुरक्षित रखने की कोशिश करता है। इसकी कहानी असगर वजाहत के चर्चित नाटक ‘जिस लाहौर नइ देख्या, ओ जम्या ई नइ’ से प्रेरित है। फिल्म का संगीत ए. आर. रहमान ने दिया है, जबकि सिनेमैटोग्राफी संतोष सिवन ने संभाली है।
