आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ‘बंटवारा 1947’ की दूसरे हफ्ते में एंट्री धीमी रही। सनी देओल की फिल्म की कमाई में गिरावट जारी है, जबकि शो की संख्या भी काफी घट गई है।

सनी देओल और प्रिटी जिंटा की पीरियड ड्रामा ‘बंटवारा 1947’ ने बॉक्स ऑफिस पर दूसरे हफ्ते में कदम तो रख दिया है, लेकिन शुरुआत एकदम सुस्त रही । सात दिनों का सफर पूरा करने के बाद फिल्म के शो की संख्या में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कमाई का आलम ऐसा रहा कि पहली बार यह फिल्म 1 करोड़ रुपए के नीचे सिमट गई। ज के बाद शुरुआती छुट्टी वाले वीकेंड में फिल्म को अच्छा फायदा मिला था, लेकिन वर्किंग डेज में इसकी कमाई लगातार कमजोर होती गई। वहीं, इसी दौरान इसी के साथ रिलीज हुई ‘आवारापन 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा मजबूत पकड़ बनाए रखी।

‘बंटवारा 1947’ की 8वें दिन की कमाई कितनी रही?

दूसरे हफ्ते के पहले दिन यानी आठवें दिन यानी दूसरे शुक्रवार को पर ‘बंटवारा 1947’ की कमाई की रफ्तार बेहद धीमी रही। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने शुक्रवार को लगभग 75 लाख रुपए का कलेक्शन किया। यह गुरुवार के मुकाबले 44.4 फीसदी कम है। फिल्म ने गुरुवार को 1.35 करोड़ रुपए कमाए थे। रिपोर्ट्स की मानें तो दूसरे शुक्रवार को यह फिल्म देशभर में 3,211 शोज में दिखाई गई।

कितना हुआ 'बंटवारा 1947' का 8 दिन का कलेक्शन?

8 दिन में 'बंटवारा 1947' ने भारत में नेट 34.35 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया तो वहीं देश में इसका ग्रॉस कलेक्शन 40.77 करोड़ रुपए हो गया है। विदेशों में इस फिल्म ने दूसरे शुक्रवार लगभग 50 लाख रुपए कमाए, जिसके चलते इसका टोटल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 8.25 करोड़ रुपए पहुंच गया है। कुल मिलाकर वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का 8 दिन का ग्रॉस कलेक्शन 49.02 करोड़ रुपए हो गया है।

‘बंटवारा 1947’ की कहानी और स्टारकास्ट में क्या खास है?

‘बंटवारा 1947’ का निर्देशन और सह-लेखन राजकुमार संतोषी ने किया है। फिल्म में सनी देओल, प्रीति जिंटा और शबाना आजमी के साथ करण देओल, अली फजल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे, कनिका कपूर, वसीम राजपूत और ईशा संधीर अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्माण आमिर खान ने आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले किया है।

‘बंटवारा 1947’ की कहानी किस दौर पर आधारित है?

फिल्म की कहानी 1947 में ब्रिटिश भारत के विभाजन और पंजाब के बंटवारे की पृष्ठभूमि में लाहौर को केंद्र में रखती है। यह असगर वजाहत के नाटक ‘जिस लाहौर नइ वेख्या, ओ जम्या ई नइ’ पर आधारित है। कहानी विभाजन के दौर की मानवीय परिस्थितियों और उससे जुड़े संघर्षों को सामने लाती है। यह फिल्म प्रिटी जिंटा की करीब आठ साल बाद फिल्मों में वापसी भी है। फिल्म में शबाना आजमी, अभिमन्यु सिंह, करण देओल और अली फजल जैसे कलाकार भी नज़र आ रहे हैं।