प्रेम सागर का 31 अगस्त को निधन हो गया है।  रामाय़ण के पिक्चराइजेशन को लेकर गहरी समझ रखने वाले डायरेक्टर ने  नितेश तिवारी की रामायण मूवी पर अपनी राय जाहिर की थी।  

Prem Sagar Death: रामायण सीरियल के डायरेक्टर रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर का निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के जुहू स्थित पवनहंस श्मशान घाट में 31 अगस्त की देर शाम किया जाएगा।

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NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक “वह काफी लंबे वक्त से बीमार थे, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था। रविवार को डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था, उन्हें घर ले जाने की भी सलाह दी थी। प्रेम सागर ने पुणे के FTII से ट्रेनिंग ली थी। एफटीआईआई से कोर्स पूरा करने के बाद उनकी रुचि फोटोग्राफी और सिनेमैटोग्राफी की तरफ हुई। इसी साल जुलाई के महीने में जब नितेश तिवारी की रामायण मूवी की पहली झलक सामने आई थी तो प्रेम सागर ने इस पर रिएक्ट किया था।

अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेम सागर ने कहा, 'हर शख्स के मन में रामायण की एक छवि है। किसी के मन में रामचरित मानस से तो किसी के मन में वाल्मीकि की रामायण से तो कुछ के मन में सीरियल और आम तौर पर मिलने वाली तस्वीरों से पात्रों की छवि बनी हुई है। यदि कोई निर्देशक अपनी कल्पनाशीलता से रामायण बना रहा है तो उसे तत्काल सही या गलत नहीं ठहराया जा सकता है। ऐसी किसी भी कृति को एक कोशिश की तरह देखना चाहिए।’

प्रेम सागर ने रामायण मूवी में इस्तेमाल किए जा रहे ग्राफिक्स और विजुअल इफेक्ट्स के लिए कहा कि यदि आज की जनरेशन इससे जुड़ाव महसूस करती है, तो ये कहीं से बुरा नहीं है। यदि उनकी कल्पनाशीलता कहती है कि राम पेड़ों पर भी चल सकते हैं तो ये उनकी सोच है, वे ये दिखा सकते हैं। हर मेकर के पास अपनी बात कहने का तरीका होता है। फिर तो दर्शक ही तय करते है कि क्या ठीक है और क्या नहीं।’ उन्होंने प्रभास की आदिपुरुष पर कटाक्ष करते हुए कहा था, कि ये जरुर ध्यान रखना चाहिए कि भले ही आप रावण का चित्रण कर रहे हों, लेकिन उसे मांस खाने वाला तो नहीं दिखा सकते हैं। वो शिव का परम भक्त और महाज्ञानी था, तो उसे दिखाने के लिए भी आपको कल्पनाशीलता का परिचय देना होगा।