R Madhavan Dhurandhar Controversy and Political Statement: अभिनेता आर. माधवन ने 'संघी' कहे जाने पर प्रतिक्रिया दी। माधवन ने अपनी फिल्म 'धुरंधर' को प्रोपेगेंडा बताने वाले आरोपों को भी खारिज किया।

बॉलीवुड अभिनेता आर. माधवन एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी फिल्म 'धुरंधर' को लेकर उठे विवाद और सोशल मीडिया पर 'संघी' कहे जाने पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। माधवन ने कहा कि उन्हें भारत पर गर्व है और देश के चुने हुए प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री का समर्थन करना वह अपना कर्तव्य मानते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी अच्छे काम की तारीफ करना राजनीति नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक होने का हिस्सा है।

'मुझे संघी कहा जाता है, लेकिन इससे फर्क नहीं पड़ता'

एक इंटरव्यू के दौरान जब आर. माधवन से पूछा गया कि सोशल मीडिया पर उन्हें अक्सर 'संघी' कहकर संबोधित किया जाता है, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया। माधवन ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी राजनीतिक दल या उसके नेताओं के खिलाफ कुछ पोस्ट नहीं किया। उनका मानना है कि अगर कोई अच्छा काम करता है तो उसकी सराहना करना गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग क्या लिखते हैं, उससे उनके विचार या फैसले प्रभावित नहीं होते।

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'चुने हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का समर्थन करना मेरा फर्ज है'

आर. माधवन ने कहा कि जब जनता किसी व्यक्ति को लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री चुनती है, तो एक नागरिक के तौर पर उनका समर्थन करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सिर्फ इस वजह से उन्हें गलत साबित करने की कोशिश करता है कि वह देश के निर्वाचित नेताओं के अच्छे कामों की सराहना करते हैं, तो ऐसे लोगों की मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

'धुरंधर' पर लगे प्रोपेगेंडा के आरोपों को किया खारिज

माधवन की फिल्म 'धुरंधर' और उसके दूसरे भाग 'धुरंधर: द रिवेंज' को रिलीज के बाद कुछ लोगों ने सरकार समर्थक और हाइपर-नेशनलिस्ट प्रोपेगेंडा फिल्म बताया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेता ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि भारत के बारे में अच्छी बातें दिखाना आखिर प्रोपेगेंडा कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसमें दिखाया गया है कि वहां होने वाली घटनाएं भारत को किस तरह प्रभावित करती हैं। ऐसे में इसे राजनीतिक प्रचार कहना उचित नहीं है।

'एक अभिनेता का काम सच दिखाना है'

माधवन ने कहा कि वह जिस भी किरदार को निभाते हैं, उसके साथ पूरी ईमानदारी बरतते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी वास्तविक व्यक्ति की कहानी में वह मंदिर जाता है, तो फिल्म में भी उसे उसी तरह दिखाया जाएगा। वहीं यदि कोई किरदार नास्तिक है, तो उसे वैसा ही प्रस्तुत किया जाएगा। उनके मुताबिक, एक अभिनेता का काम अपने निजी विचारों को थोपना नहीं, बल्कि किरदार की सच्चाई को पर्दे पर उतारना होता है।

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अजय सान्याल के किरदार में आए थे नजर

'धुरंधर' में आर. माधवन ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक अजय सान्याल की भूमिका निभाई थी। माना जाता है कि यह किरदार भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से प्रेरित था। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और इसके दोनों पार्ट्स ने दुनिया भर में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया। हालांकि सफलता के साथ-साथ फिल्म को राजनीतिक संदेश देने के आरोपों का भी सामना करना पड़ा।

अब 'G.D.N.' में नजर आएंगे माधवन

वर्क फ्रंट की बात करें तो आर. माधवन अब अपनी अगली फिल्म 'G.D.N.' की रिलीज की तैयारी में हैं। यह फिल्म भारत के महान आविष्कारक जी.डी. नायडू के जीवन पर आधारित बायोपिक है। जी.डी. नायडू को अक्सर 'भारत का एडिसन' भी कहा जाता है।

क्या कहा माधवन ने?

आर. माधवन का कहना है कि उन्हें भारत की उपलब्धियों और सकारात्मक पक्ष को दुनिया के सामने लाने में कोई गलत बात नहीं लगती। उनके मुताबिक, देश के प्रति गर्व व्यक्त करना किसी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन नहीं, बल्कि एक नागरिक की स्वाभाविक भावना हो सकती है। यही वजह है कि वह आलोचनाओं के बावजूद अपनी सोच और अपने काम को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।