Dussehra special unknown facts about Ramayana: दशहरे पर रामायण का एक अनसुना किस्सा जानिए। अरुण गोविल से दशकों पहले 1917 की मूक फिल्म में राम और सीता का रोल एक ही कलाकार ने निभाया था।

दशहरे पर जब देशभर में रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता है, तब रामायण के उन कलाकारों को याद करना भी दिलचस्प है, जिन्होंने इन किरदारों को पहली बार पर्दे पर उतारा। आज अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया और दारा सिंह जैसे सितारों की छवि रामायण के किरदारों के साथ जुड़ी है, लेकिन भारतीय सिनेमा में इन पात्रों की कहानी एक सदी से भी ज्यादा पुरानी है। 1917 की एक मूक फिल्म में राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण जैसे किरदार नजर आए थे। जानिए, इन भूमिकाओं को निभाने वाले कलाकार कौन थे।

1917 की ‘लंका दहन’: रामायण के किरदारों की पहली फिल्मी झलक

भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर में रामायण पर आधारित कहानियों को पर्दे पर उतारने का प्रयास शुरू हो चुका था। साल 1917 में फिल्मकार दादासाहेब फाल्के की मूक फिल्म ‘लंका दहन’ आई थी। इस फिल्म में रामायण के कई प्रमुख किरदार नजर आए। उस समय फिल्मों में आवाज नहीं होती थी, इसलिए कलाकारों को अपने हावभाव और अभिनय से ही कहानी दर्शकों तक पहुंचानी पड़ती थी। फिल्म के कलाकारों के नाम आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में खास जगह रखते हैं।

राम और सीता बने थे एक ही कलाकार: अन्ना सालुंके का अनोखा डबल रोल

‘लंका दहन’ की सबसे दिलचस्प बात यह थी कि अभिनेता अन्ना सालुंके ने भगवान राम और माता सीता, दोनों की भूमिकाएं निभाई थीं। उस दौर में फिल्मों में महिलाओं का अभिनय करना आम नहीं था। ऐसे में पुरुष कलाकारों को महिला पात्रों का किरदार भी निभाना पड़ता था। अन्ना सालुंके इससे पहले 1913 में आई फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ में रानी तारामती की भूमिका निभा चुके थे। राम और सीता के दोहरे किरदार ने उन्हें भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर के चर्चित कलाकारों में शामिल कर दिया।

लक्ष्मण के रोल में कौन आया था नजर?

1917 की फिल्म ‘लंका दहन’ के उपलब्ध कलाकार विवरण में लक्ष्मण की भूमिका के लिए कृष्णा अचनीकर का नाम मिलता है। आज लक्ष्मण के किरदार को सुनील लहरी की लोकप्रिय टीवी प्रस्तुति से भी याद किया जाता है, लेकिन रामायण के इन पात्रों की फिल्मी यात्रा उनसे कई दशक पहले शुरू हो चुकी थी। मूक फिल्मों के दौर में संवादों की जगह चेहरे के भाव, शारीरिक हावभाव और दृश्यों के जरिए कहानी दिखाई जाती थी। ऐसे में पौराणिक किरदारों को पर्दे पर उतारना कलाकारों के लिए अलग तरह की चुनौती रहा होगा।

हनुमान बने थे गणपत शिंदे

‘लंका दहन’ के कलाकारों की उपलब्ध सूची में हनुमान की भूमिका गणपत शिंदे के नाम दर्ज है। यह तथ्य दिलचस्प है, क्योंकि टेलीविजन पर हनुमान का किरदार निभाने वाले दारा सिंह को आज भी दर्शक बड़े सम्मान से याद करते हैं। 1987 में प्रसारित रामानंद सागर की ‘रामायण’ में दारा सिंह ने हनुमान की भूमिका निभाई थी। उनके दमदार व्यक्तित्व और अभिनय ने इस किरदार को घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। हालांकि, उपलब्ध फिल्मी रिकॉर्ड के मुताबिक हनुमान का किरदार उनसे पहले भी पर्दे पर आ चुका था।

रावण के रूप में डी. डी. दाबके: 1917 की फिल्म में निभाया था अहम किरदार

‘लंका दहन’ के उपलब्ध कलाकार विवरण में रावण की भूमिका डी. डी. दाबके के नाम दर्ज है। इस तरह फिल्म में रामायण के कई प्रमुख पात्र एक साथ नजर आए। आगे चलकर रावण के किरदार को कई कलाकारों ने अलग-अलग अंदाज में निभाया, लेकिन 1987 की टीवी रामायण में अरविंद त्रिवेदी की प्रस्तुति ने इस चरित्र को खास लोकप्रियता दिलाई। उनकी आवाज, चेहरे के भाव और संवाद अदायगी ने रावण को दर्शकों की यादों में अमर कर दिया।

अरुण गोविल से दारा सिंह तक: टीवी रामायण ने बदल दी किरदारों की पहचान

1917 की मूक फिल्म के बाद 1987 की रामानंद सागर की ‘रामायण’ ने इन पौराणिक पात्रों को नई पीढ़ियों तक पहुंचाया। इसमें अरुण गोविल राम, दीपिका चिखलिया सीता, सुनील लहरी लक्ष्मण, दारा सिंह हनुमान और अरविंद त्रिवेदी रावण बने थे।