Jhaad Phoonk Movie: जियो हॉटस्टार पर नई हॉरर फिल्म 'झाड़-फूंक' रिलीज हुई है। 1 घंटे 53 मिनट की इस फिल्म में सुंबुल तौकीर खान और यशपाल शर्मा हैं। काले जादू और तंत्र विद्या पर आधारित इस फिल्म की पूरी कहानी 5 किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है।

Sumbul Touqeer Khan Movie: जियो हॉटस्टार पर हाल ही में एक नई हॉरर फिल्म रिलीज हुई है, जो काले जादू, तंत्र विद्या और अंधविश्वास के गंभीर विषय पर आधारित है। साल 2017 से पत्रकारिता में सक्रिय और अप्रैल 2024 से लगातार विशेष रिपोर्ट पेश कर रहीं हर्षिता पांडे के अनुसार, यह फिल्म दर्शकों को अलग अनुभव देती है। इस न्यूज़ पोस्ट में हम आपको फिल्म से जुड़ी अहम जानकारी और टिप्स देंगे, ताकि आप तय कर सकें कि इसे देखना है या नहीं।

नेटफ्लिक्स की 8 अन्य फिल्मों और 7.6 आईएमडीबी रेटिंग वाली थ्रिलर सीरीज के अलावा, अब दर्शक जियो हॉटस्टार पर इस पेशकश का आनंद ले सकते हैं। इस फिल्म का नाम 'झाड़-फूंक' है, जिसकी कुल अवधि 1 घंटे और 53 मिनट है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि पूरी कहानी केवल 5 किरदारों के इर्द-गिर्द बुनी गई है और शूटिंग के लिए सिर्फ 1 घर का इस्तेमाल किया गया है।

आस्था और राजवीर की रहस्यमयी यात्रा

'झाड़-फूंक' की कहानी मुख्य रूप से आस्था (सुंबुल तौकीर खान) और राजवीर के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। प्रेग्नेंट आस्था अपने साथी राजवीर के साथ उत्तराखंड के घने जंगलों से होते हुए दिल्ली की ओर जा रही होती है, तभी अचानक उनकी कार का भयानक एक्सीडेंट हो जाता है। जब होश आता है, तो आस्था खुद को एक बिल्कुल अनजान कपल के बीच पाती है, जहां से इस रहस्यमयी कहानी में एक नया और बेहद डरावना मोड़ आना शुरू होता है।

मोहन ठाकुर के काले इरादे और तंत्र विद्या

हादसे के बाद मोहन ठाकुर (यशपाल शर्मा) और कामिनी ठाकुर (पद्मिनी कोल्हापुरे) घायल आस्था को अपने घर ले आते हैं। शुरुआत में वे दोनों आस्था को बहुत प्यार और देखभाल दिखाते हैं, जिससे उसे भी उनसे गहरा लगाव होने लगता है। लेकिन, धीरे-धीरे मोहन ठाकुर के काले इरादे सामने आने लगते हैं। कहानी में एक छोटा बच्चा भी है, जिस पर एक अजीब खतरा मंडरा रहा है। उसे खतरे से बाहर निकालने के लिए मोहन काले जादू और तंत्र विद्या का सहारा लेता है।

क्लाइमेक्स का अनुभव और फिल्म का संदेश

फिल्म की शुरुआत अच्छी और डरावनी है, लेकिन क्लाइमेक्स की ओर बढ़ते हुए डर कम होने लगता है और यह बोरिंग लगने लगती है। बैकग्राउंड म्यूजिक और एक रोमांटिक गाना माहौल बनाते हैं, पर क्लाइमेक्स साधारण है। इसका निर्देशन राजन वर्मा ने किया है, जो इसके लेखक और निर्माता भी हैं। राजन को 'जीसस जोरदार', 'धमन: द सेवियर' और 'पानी: एक प्रेम कहानी' के लिए जाना जाता है। अंत में संदेश है कि कैसे भारत में अंधविश्वास के कारण लोग गलतियां कर अपनी जान गंवा देते हैं।