कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में iThrive CEO मुग्धा प्रधान को फटकारा। सोशल मीडिया पर बायकॉट और कार्रवाई की मांग तेज हुई।
बॉलीवुड एक्ट्रेस और हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्द कहने वाली सीईओ मुग्धा प्रधान को जमकर फटकार लगाई है। दरअसल, iThrive की फाउंडर और सीईओ मुग्धा प्रधान का वीडियो सोशल मीडिया पर आया है, जिसमें वे पीएम मोदी को थप्पड़ मारने की इच्छा जता रही हैं। साथ ही उन्होंने देश छोड़कर जाने की बात कर रही हैं। मुग्धा ने वीडियो में पीएम के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया, जिस पर लोग नाराजगी जता रहे हैं। उनका वीडियो वायरल हो रहा है और लोग उनके खिलाफ एक्शन की मांग कर रहे हैं। ऐसे ही एक वायरल वीडियो पर कमेंट कर कंगना रनौत ने मुग्धा प्रधान को फटकार लगाई है।
कंगना रनौत ने लगाई मुग्धा प्रधान को फटकार
एक X यूजर ने मुग्धा प्रधान का वीडियो शेयर करते हुए इसके कैप्शन में लिखा, "उस कंपनी और उसके प्रोडक्ट के बारे सोचिए, जिसकी CEO इतनी बदतमीज और भारत विरोधी है।" इसी पोस्ट के कमेंट बॉक्स में कंगना रनौत ने मुग्धा प्रधान को फटकार लगाते हुए लिखा है, "ये लोग अपनी निजी जिंदगी की परेशानियां प्रधानमंत्री जी के सामने रखने की कोशिश क्यों करते हैं? मैं भी पहाड़ी इलाके से हूं। अगर उन्हें कुछ करना ही है, तो प्रधानमंत्री जी के स्वच्छ भारत अभियान में हिस्सा लेना चाहिए और अपनी झुंझलाहट व डरावने चेहरे का इस्तेमाल भारतीयों को नागरिक जिम्मेदारी का सबक सिखाने में करना चाहिए।"
कंगना ने आगे लिखा, "जंगलों या प्रकृति में कूड़ा फैलाना या फेंकना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। लेकिन वह जिस भी शहर से आती हैं, वहां नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क कर इस समस्या की शिकायत कर सकती हैं। अगर अधिकारी मदद नहीं करते, तब वह अपनी नाराजगी जाहिर कर सकती हैं। लेकिन इसके बजाय प्रधानमंत्री जी पर ही निशाना साधना, उन्हें मारने की धमकी देना, उनकी मौत की कामना करना और जेन-जी से जुड़ने के लिए वीडियो बनाने को लेकर उनकी उम्र पर टिप्पणी करना उनकी नाजुक मानसिक स्थिति को दर्शाता है। मैंने सुना है कि वह दवाइयां बेचती हैं, लेकिन साफ है कि वे उनकी मदद नहीं कर रहीं।”
मुग्धा प्रधान के वीडियो पर लोग क्या डिमांड कर रहे?
मुग्धा प्रधान की वायरल क्लिप देखने के बाद उन्हें बड़े पैमाने पर डिजिटल विरोध और उनके प्रोडक्ट्स के बहिष्कार (बायकॉट) की मांग का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी टिप्पणी पर कड़ी नाराज़गी जताई और ऑनलाइन कैंपेन शुरू किए, जिसमें ग्राहकों से डिजिटल स्टोर और ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर iThrive के वेलनेस प्रोडक्ट्स का बहिष्कार करने की अपील की गई। कई लोगों ने पुणे पुलिस समेत स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को टैग किया और रिकॉर्डिंग में दिए गए बयानों की प्रशासनिक समीक्षा की मांग की।
