पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस के बीच जानिए 2008 के चर्चित हत्याकांड के बारे में, जहां एक रिश्ते ने टीवी इंडस्ट्री के सबसे सनसनीखेज मर्डर केस को जन्म दिया।
पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में उनकी मंगेतर सिया गोयल पर लगे आरोपों ने पूरे देश को चौंका दिया है। इस केस के सामने आने के बाद 2008 का चर्चित नीरज ग्रोवर हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। टीवी इंडस्ट्री से जुड़े युवा एग्जीक्यूटिव नीरज ग्रोवर की हत्या ने उस समय मनोरंजन जगत को हिला दिया था। आरोप एक्ट्रेस मारिया सुसाईराज और उनके मंगेतर लेफ्टिनेंट एमिल जेरोम मैथ्यू पर लगे थे। गुमशुदगी से शुरू हुई यह कहानी शव के टुकड़े कर सबूत मिटाने तक पहुंची और देश के सबसे चर्चित क्राइम मामलों में शामिल हो गई।

वह मर्डर मिस्ट्री, जिसने देश को हिला दिया?
पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल केस में सामने आए आरोपों के बीच हम आपको 2008 के नीरज ग्रोवर हत्याकांड के बारे में बता रहे हैं। दोनों मामलों में कथित रिश्तों और हत्या की साजिश चौंकाने वाली है। हालांकि दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन सनसनीखेज घटनाक्रम के कारण पुराना मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
यह भी पढ़ें : पति ने कहा- 'पोर्न फिल्मों में काम करो', 22 साल की एक्ट्रेस ने दे दी भयानक मौत!
6 मई 2008 को अचानक लापता हो गए थे नीरज ग्रोवर
26 साल के नीरज ग्रोवर मुंबई के एक प्रोडक्शन हाउस में टेलीविजन एग्जीक्यूटिव थे। 6 मई 2008 को वह एक्ट्रेस मारिया सुसाईराज से मिलने उनके मलाड स्थित फ्लैट पहुंचे। इसके बाद वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। 24 घंटे तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने शुरुआत से ही मारिया पर शक जताया।
मारिया और नीरज की मुलाकात कैसे हुई थी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक मारिया सुसाईराज उस समय कन्नड़ फिल्मों में काम कर चुकी थीं और टीवी इंडस्ट्री में करियर बनाने मुंबई आई थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात बालाजी टेलीफिल्म्स में काम कर रहे नीरज ग्रोवर से हुई। दोनों की नजदीकियां बढ़ीं। बताया जाता है कि मारिया ने नीरज को अपने पहले से चल रहे रिश्ते के बारे में नहीं बताया था। उस समय वह भारतीय सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट एमिल जेरोम मैथ्यू के साथ रिलेशनशिप में थीं और दोनों की सगाई भी तय मानी जा रही थी।
यह भी पढ़ें : 'केतन अग्रवाल मौत केस में फूटा कंगना रनौत का गुस्सा!
7 मई की सुबह क्या हुआ था?
बताया जाता है कि 6 मई की रात नीरज मारिया के फ्लैट पर ही थे। इसी दौरान एमिल जेरोम ने मारिया को फोन किया और बैकग्राउंड में नीरज की आवाज सुन ली। इसके बाद वह कोच्चि से फ्लाइट लेकर अगली सुबह मुंबई पहुंचे। फ्लैट में पहुंचने के बाद नीरज और एमिल के बीच विवाद हुआ, जो हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोप है कि इसी दौरान एमिल ने रसोई के चाकू से हमला कर नीरज की हत्या कर दी।
शव के 300 टुकड़े कर जंगल में जलाने का आरोप
जांच में सामने आया कि हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक मारिया बैग खरीदकर लाई थीं। आरोप है कि शव के कई टुकड़े किए गए, उन्हें बैग में भरकर कार से मनोर के जंगल ले जाया गया और पेट्रोल डालकर जला दिया गया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
पूछताछ में कब टूटी मारिया की चुप्पी?
शुरुआती पूछताछ के दौरान मारिया ने पुलिस को अलग-अलग बयान दिए। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि नीरज की हत्या एमिल जेरोम ने उनकी मौजूदगी में की थी। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की परतें खोलनी शुरू कीं और दोनों को गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट का फैसला क्या रहा?
लंबी कानूनी सुनवाई के बाद अदालत ने मारिया सुसाईराज को हत्या के आरोप से बरी कर दिया। हालांकि उन्हें सबूत मिटाने और अपराध में सहयोग करने का दोषी माना गया। वहीं एमिल जेरोम मैथ्यू को गैर इरादतन हत्या और सबूत मिटाने का दोषी ठहराया गया। अदालत ने उन्हें 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया। नीरज ग्रोवर हत्याकांड भारतीय मनोरंजन जगत के सबसे चर्चित अपराध मामलों में गिना जाता है। हत्या, रिश्तों का विवाद, शव को ठिकाने लगाने के आरोप और लंबी कानूनी लड़ाई ने इस केस को वर्षों तक सुर्खियों में बनाए रखा।
