प्रयागराज महाकुंभ मेले में वायरल हुई मोनालिसा भोंसले प्रेग्नेंट हैं? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि उनके पति फरमान खान ने हाल ही में यह दावा किया है। उन्होंने ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती है, इसलिए पेश नहीं हो सकती। फरमान का बयान मीडिया में वायरल हो रहा है, जो मोनालिसा के पैरेंट्स की कानूनी कार्रवाई के बीच आया है।
प्रयागराज महाकुंभ मेले की वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी से जुड़े मामले में बड़ा ट्विस्ट आया है। अब इस केस में पति फरमान खान ने पुलिस को जानकारी दी है कि उनकी पत्नी प्रेग्नेंट है और हेल्थ इश्यूज के चलते फिलहाल उनके सामने पेश नहीं हो सकती। यह बयान तब सामने आया जब मध्य प्रदेश पुलिस ने दोनों को एक शिकायत के आधार पर पेश होने का निर्देश दिया था। मोनालिसा के पैरेंट्स ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी नाबालिग है और बहकाकर उसे शादी के जाल में फंसाया गया है। वहीं, इस पूरे विवाद में केरल पुलिस की जांच ने एक अलग ही तस्वीर पेश की है, जिससे केस और पेचीदा हो गया है।
फरमान खान का दावा- पत्नी प्रेग्नेंट, पेश होना संभव नहीं
खरगोन में मोनालिसा केस में पति फरमान खान ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं है और वह प्रेग्नेंट है, इसलिए फिलहाल पुलिस के सामने पेश होना संभव नहीं है। उन्होंने यह जानकारी एक महिला सब-इंस्पेक्टर को दी और कहा कि "उसकी शारीरिक कंडीशन ऐसी नहीं है कि वह तुरंत पेश हो सके।” यह बयान तब आया जब पुलिस ने दोनों को शिकायत के बाद पेश होने का नोटिस जारी किया था। फरमान ने मेडिकल आधार पर पेशी टालने की कोशिश की है।
हाईकोर्ट से मिली राहत, 20 मई तक गिरफ्तारी पर रोक
इस मामले में पहले हाईकोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया था और कपल को 20 मई तक गिरफ्तारी से संरक्षण दिया था। इसके बाद अब पति की ओर से यह नया तर्क सामने आया है, जो कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में देरी कर सकता है। मोनालिसा के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को नाबालिग रहते शादी के लिए गुमराह किया गया। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और दंपती को पेश होने के लिए कहा।
केरल पुलिस की जांच - मोनालिसा बालिग, कोई फर्जी दस्तावेज नहीं
इस विवाद की शुरुआत 11 मार्च को हुई, जब मोनालिसा ने तिरुवनंतपुरम के थम्पानूर पुलिस स्टेशन में मदद मांगी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पिता जबरन उनकी शादी उनके कजिन भाई से कराना चाहते, जबकि वे फरमान के साथ रहना चाहती हैं। जांच के बाद केरल पुलिस ने स्पष्ट किया, "आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक महिला उस समय 18 साल 3 महीने की थी।” साथ ही यह भी कहा गया कि शादी में कोई फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल नहीं हुआ और पंचायत व पुलिस की सभी प्रक्रियाएं सही तरीके से पूरी की गईं।
