Peddi Film Controversy Update: क्या राम चरण की ‘पेद्दी’में जान्हवी कपूर के किरदार पर उठे सवाल फिल्म की इमेज बिगाड़ रहे हैं? क्या रोमांटिक ट्रैक ने दर्शकों को नाराज़ कर दिया? और क्या डायरेक्टर को अब स्क्रिप्ट पर सफाई देनी पड़ रही है? क्या फिल्म की सफलता विवाद से प्रभावित होगी?
राम चरण की बहुचर्चित फिल्म ‘पेद्दी’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है, लेकिन इसके साथ ही फिल्म एक बड़े विवाद में भी घिर गई है। दर्शकों और सोशल मीडिया पर खासकर जान्हवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ के चित्रण को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। रोमांटिक ट्रैक और कुछ सीन्स पर आपत्ति जताई जा रही है। इसी बीच फिल्म के डायरेक्टर बुची बाबू सना ने सामने आकर प्रतिक्रिया दी है और स्वीकार किया है कि उन्हें दर्शकों की इस तीखी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी। मामला अब और भी चर्चा में आ गया है।

'पेद्दी' में जान्हवी कपूर विवाद पर डायरेक्टर का रिएक्शन
डायरेक्टर बुची बाबू सना ने स्क्रीन से बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि 'पेद्दी' के रोमांटिक सीन और मुख्य ट्रैक पर इतने निगेटिव रिएक्शन की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद नहीं थी कि दर्शक इन सीन्स को इतनी नकारात्मकता से लेंगे।” डायरेक्टर के मुताबिक, कहानी में रोमांस को हल्के और मनोरंजक तरीके से दिखाने का इरादा था, लेकिन स्क्रीन पर उसका असर अलग तरह से गया। उन्होंने यह भी माना कि आगे से टीम इन पहलुओं को ज्यादा संवेदनशील तरीके से पेश करेगी। वे कहते हैं, “हम आगे और सावधानी बरतेंगे और बेहतर प्रस्तुति देने की कोशिश करेंगे।”
क्यों बढ़ा ‘Peddi’ का विवाद?
फिल्म में जान्हवी कपूर के किरदार अचियम्मा की एंट्री के साथ ही कहानी पर सवाल उठने लगे। कैमरा कई मिनट तक उनके लुक और बॉडी लैंग्वेज पर फोकस करता है। इंटरनेट यूजर ने उन्हें सिर्फ एक ऑब्जेक्ट ऑफ डिजायर की तरह दिखाने का आरोप लगाया। कई लोगों का दावा है कि राम चरण का किरदार इन सीन्स में सीमाएं पार करता हुआ दिखाया गया। फिल्म में बिना सहमति वाले सीन और दबाव वाली स्थितियां दिखाई गईं। दर्शकों ने इसे टॉक्सिक रोमांस ट्रैक बताया।
फिल्म 'पेद्दी' की कहानी और उद्देश्य
‘Peddi’ एक स्पोर्ट्स ड्रामा है, जिसमें राम चरण का किरदार एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रूप में दिखाया गया है। फिल्म की कहानी आंध्र प्रदेश के ग्रामीण इलाके पर आधारित है। यह एक गांव के युवा की संघर्ष यात्रा है। यह उस युवा की खेल के जरिए पहचान और सम्मान की लड़ाई है। यह कहानी सामुदायिक गर्व और आत्मसम्मान का संदेश देता है। फिल्म में शिवा राजकुमार और जगपति बाबू जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नज़र आ रहे हैं।
