मदुरै में रजनीकांत को समर्पित मंदिर में मजदूर दिवस पर विशेष पूजा हुई। मजदूरों के सम्मान में 'बाशा' फिल्म की थीम पर जश्न मनाया गया। यह आयोजन रजनीकांत के एक मजदूर से सुपरस्टार बनने के सफर से प्रेरित था।

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर, मदुरै में सुपरस्टार रजनीकांत को समर्पित 'अरुलमिगु श्री रजनी मंदिर' में एक खास पूजा और जश्न का आयोजन हुआ। मजदूरों के सम्मान में रखे गए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। यह मंदिर कार्तिक नाम के एक कट्टर फैन ने बनवाया है। यहां रजनीकांत की काले पत्थर की दो मूर्तियां हैं, जिनकी रोज सुबह-शाम पूजा होती है। अपनी अनोखी भक्ति के लिए मशहूर यह मंदिर, मजदूर दिवस पर एक बार फिर चर्चा में आ गया।

मजदूरों के लिए 'बाशा' थीम पर जश्न

मजदूर दिवस को खास बनाने के लिए मंदिर में ऐसा माहौल तैयार किया गया, जो मजदूरों की मेहनत और सम्मान को दिखाता हो। रजनीकांत की फिल्म 'बाशा' का एक बड़ा कटआउट लगाया गया, जिसमें वे ऑटो ड्राइवर के गेटअप में थे। इसके साथ एक ऑटो रिक्शा भी खड़ा किया गया, जो मजदूरों के रोजमर्रा के संघर्ष और गर्व का प्रतीक था। इस मौके पर दूध, पनीर, दही और नारियल पानी समेत 16 पवित्र चीजों से विशेष अभिषेक किया गया और फिर दीप जलाकर आरती हुई।

भक्तों ने देश भर के मजदूरों की भलाई, तरक्की और सफलता के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में शामिल हुए मजदूरों को मिठाइयां भी बांटी गईं। मंदिर के एडमिनिस्ट्रेटर कार्तिक और उनके परिवार ने मजदूरों को सम्मान देने और समाज में उनके महत्व को बताने के लिए यह खास इंतजाम किया था।

रजनीकांत की जिंदगी ही प्रेरणा है

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कार्तिक ने बताया कि इस जश्न की प्रेरणा रजनीकांत की अपनी जिंदगी है। उन्होंने कहा, "रजनीकांत ने एक दिहाड़ी मजदूर और बस कंडक्टर के तौर पर काम करके अपना जीवन शुरू किया और आज वे दुनिया के सुपरस्टार बन गए हैं। उनकी फिल्में 'मन्नन', 'उझाईप्पली' और 'बाशा' में भी मजदूरों के संघर्ष और सम्मान को दिखाया गया है।"

कार्तिक ने आगे कहा, "मजदूरों का सम्मान करने के लिए हमने 'बाशा' फिल्म से रजनीकांत की तस्वीर रखकर विशेष पूजा और अभिषेक किया है। हमने सभी मजदूरों की भलाई के लिए प्रार्थना की है।" उन्होंने बताया कि भक्त रजनीकांत को अपने परिवार का देवता मानते हैं और मंदिर में उनके नाम पर नियमित रूप से अन्नदान और कई सामाजिक काम किए जाते हैं।

कार्तिक ने शुभकामनाएं देते हुए कहा, "हमारे देश की तरक्की में मजदूरों का बहुत बड़ा हाथ है। मजदूर दिवस, खासकर ऑटो ड्राइवरों के लिए बहुत खास होता है। इसीलिए हमने 'बाशा' थीम चुनी। हमने 'मजदूर दिवस की शुभकामनाएं' संदेश को क्रिएटिव तरीके से दिखाने के लिए रोजमर्रा के काम में इस्तेमाल होने वाले औजारों को रखकर पूजा की।"