फिल्म निर्देशक राजकुमार हिरानी ने एआई के जरिए 4–5 मिनट की शॉर्ट फिल्म बनाने की योजना का खुलासा किया। उनके मुताबिक एआई सिनेमा के लिए उपयोगी टूल साबित हो सकता है, हालांकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है।
फिल्म डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने खुलासा किया है कि उन्हें एक ऐसी कहानी मिल गई है जिसे वे एआई के जरिए बनाना चाहते हैं। वे जल्द ही वे अपने इस सपने को साकार करेंगे। वैरायटी इंडिया के साथ एक इंटरव्यू के दौरान, फिल्म मेकर ने आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके एक शॉर्ट फिल्म बनाने की इच्छा जताई है। उन्होंने बताया कि उन्हें एआई के जरिए सिल्वर स्क्रीन पर दिखाने के लिए एक कहानी मिल चुकी है और वे जल्द ही अपने इस सपने को साकार करेंगे।
राजकुमार हिरानी बनाएंगे एआई से मूवी
“मैं कभी-कभी एआई से जुड़ी चीजों को लेकर बहुत एक्साइटेड हो जाता हूं और एक छोटी एआई फिल्म बनाना चाहता हूं… तो एआई रियल में एक बेहतरीन इंस्ट्रूमेट साबित होगा, और हमें बहुत जल्द इसके साथ तालमेल बिठाना शुरू कर देना चाहिए। यह यहीं रहने वाला है और एक शानदार जरिया है। ऐसा नहीं है कि आपको इसका इस्तेमाल करना ही है, या पूरी तरह से एआई फिल्म बनानी ही है। लेकिन इसका इस्तेमाल उन कई चीजों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है जो हम पहले नहीं कर पाते थे। यह किफायती भी होगा । ऐसा नहीं है कि पूरी तरह से एआई फिल्म बनाना आसान है। ठीक है, हम शूटिंग के लिए सेट पर नहीं जा रहे हैं, लेकिन यह उतना ही समय लेने वाला काम है… पूरी तरह से एआई फिल्म बनाना काफी मेहनत का काम है।
हिरानी ने आगे कहा, “एआई एक बेहतरीन साधन साबित होगा। मैं एक छोटी, चार-पांच मिनट की फिल्म बनाने की प्लानिंग बना रहा हूं। क्योंकि मेरे पास एक कहानी है, और दूसरा, मुझे लगता है कि मैं इस तरह से सबसे अच्छी तरह सीख सकता हूं। इसलिए, स्क्रिप्टिंग के साथ-साथ मैं अगले कुछ महीनों में यह काम करूंगा। मेरे पास एक अच्छी कहानी है। कुछ दिलचस्प जरूर होगा।”
सोशल मीडिया यूजर्स ने किया विरोध
हालांकि, उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या सिनेमा का भविष्य ऐसा ही होगा, वहीं कुछ लोगों ने यह भी पूछा कि आखिर कहानियां सुनाने के लिए एआई का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है।
एक यूजर ने लिखा, "प्रतिभा का कितना दुखद नुकसान है!" वहीं दूसरे ने लिखा, "एआई क्रिएटविटी के लिए अभिशाप है।" एक अन्य कमेंट में कहा गया, "एआई ह्रयूमन क्रिएटिविटी और कला की जगह नहीं ले सकता और न ही लेना चाहिए।"
एक यूजर ने लिखा, "हो सकता है कि राजकुमार हिरानी नई तकनीक से अट्रेक्ट हो और प्रयोग करना चाहता हो। हालांकि यह सच है कि डायरेक्टर की जिस जनरेशन से हैं, हमें उम्मीद थी कि वे इंडस्ट्री को बदल देंगे, उन्होंने 3-4 यादगार प्रोजेक्ट दिए और अब उनकी इतनी डिमांड नहीं है। इन लोगों ने मशहूर होने के बाद बॉलीवुड की ऐशो-आराम की जिंदगी जी और अपनी कला से नाता तोड़ लिया।" एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, "एआई और क्रिएटिविटी का मेल नहीं होना चाहिए। मैं इस मामले में कट्टर समर्थक हूं।"
