Ranabaali Film Review: ‘रणबाली’ में अंग्रेजों के अत्याचार, अकाल और एक भूले-बिसरे योद्धा की बगावत की दमदार कहानी है, लेकिन इसकी बेहद धीमी रफ्तार सब्र की परीक्षा लेती है।
कुछ कहानियां सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि इतिहास के उन पन्नों से रूबरू कराती हैं, जिन्हें वक्त ने भुला दिया। विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की ‘रणबाली’ ऐसी ही एक कहानी लेकर आई है। फिल्म में अंग्रेजी हुकूमत के दौर, अकाल की मार झेलते आम लोगों और उनके भीतर सुलगते विद्रोह को पर्दे पर उतारा गया है। इसकी कहानी में दर्द है, भावनाएं हैं और कुछ ऐसे दृश्य भी हैं जो दिल को छूते हैं। लेकिन क्या दमदार विषय और कलाकारों की परफॉर्मेंस फिल्म को यादगार बना पाती है, या इसकी धीमी रफ्तार सारा असर कम कर देती है?
क्या है ‘रणबाली’ की कहानी?
‘रणबाली’ रायलसीमा के एक ऐसे योद्धा की कहानी है, जिसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ बगावत की। फिल्म उस दौर के अकाल, गरीबी और अंग्रेजों के अत्याचार को दिखाती है। आम लोगों का संघर्ष, भूख और जिंदा रहने की जद्दोजहद कहानी का सबसे प्रभावशाली हिस्सा है। भद्रमल्लन्ना से जुड़ी लोककथा भी इसमें शामिल है, जो खासकर क्लाइमैक्स में कहानी को अलग रंग देती है।
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विजय देवरकोंडा और रश्मिका की परफॉर्मेंस कैसी है?
रश्मिका मंदाना अपनी भूमिका में प्रभाव छोड़ती हैं। विजय देवरकोंडा के साथ उनके दृश्य कहानी के गंभीर माहौल के बीच कुछ राहत देते हैं। फिल्म की असली ताकत आम लोगों के दर्द को पर्दे पर उतारने वाले दृश्य हैं, जो कई जगह भावुक कर देते हैं। हालांकि, धीमी कहानी के कारण कलाकारों की मेहनत का असर हर हिस्से में एक जैसा नहीं रहता।
राहुल सांकृत्यायन का डायरेक्शन कैसा है?
राहुल सांकृत्यायन ने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और लोककथा को जोड़कर एक गंभीर कहानी रचने की कोशिश की है। अकाल और शोषण के दृश्य असरदार हैं, लेकिन कहानी कहने की रफ्तार बहुत धीमी है। करीब तीन घंटे की लंबाई फिल्म को और चुनौतीपूर्ण बना देती है। क्लाइमैक्स का भद्रमल्लन्ना वाला सीक्वेंस अलग प्रभाव पैदा करता है, मगर वहां तक पहुंचने के लिए दर्शकों को काफी धैर्य रखना पड़ता है।
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क्यों देखें ‘रणबाली’ और क्यों न देखें?
अगर आपको इतिहास, लोककथाओं और गंभीर विषयों पर बनी ऑफबीट फिल्में पसंद हैं, तो ‘रणबाली’ आपके लिए दिलचस्प हो सकती है। इसकी कहानी में भावनात्मक गहराई और कुछ यादगार दृश्य हैं। लेकिन अगर आप तेज रफ्तार कहानी, भरपूर मनोरंजन और लगातार रोमांच की उम्मीद रखते हैं, तो फिल्म आपको थका सकती है। कुल मिलाकर, ‘रणबाली’ दमदार विषय वाली ऐसी फिल्म है, जिसका असर आपकी पसंद और धैर्य पर निर्भर करेगा। हमारी ओर से इस फिल्म को 5 में से 2.5 स्टार।






