Who Is Madhushree: कौन हैं मधुश्री, जिन्होंने दो साल तक तुलसीदास की रामचरितमानस को सुरों में पिरोया? 52 घंटे की इस अनूठी संगीतमय प्रस्तुति के पीछे की कहानी जानिए।

बॉलीवुड में अपनी आवाज से पहचान बनाने वाली गायिका मधुश्री इन दिनों एक ऐसे प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा में हैं, जो उनके करियर के बाकी कामों से बिल्कुल अलग है। गोस्वामी तुलसीदास की कालजयी रचना ‘श्री रामचरितमानस’ को उन्होंने संगीतकार रॉबी बादल के साथ मिलकर 52 घंटे की संगीतमय प्रस्तुति का रूप दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का टीजर मुंबई में लॉन्च किया गया। इसे तैयार करने में दोनों कलाकारों ने करीब दो साल लगाए। लेकिन मधुश्री कौन हैं और फिल्मी गीतों से भक्ति संगीत तक के इस सफर में उनका अनुभव कैसा रहा?

कौन हैं सिंगर मधुश्री, जिनकी आवाज में गूंजेगी रामचरितमानस?

मधुश्री का असली नाम सुजाता भट्टाचार्य है। वह हिंदी, कन्नड़, तमिल और तेलुगु फिल्मों में गाने के लिए जानी जाती हैं। संगीतकार ए. आर. रहमान की रचनाओं में भी उनकी आवाज सुनाई दी है। संगीत में रुचि रखने वाले परिवार से आने वाली मधुश्री ने शास्त्रीय और पश्चिमी संगीत का प्रशिक्षण लिया। उनके पिता चाहते थे कि वह शास्त्रीय गायिका बनें। इसी दिशा में उन्होंने रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी की, लेकिन उनकी अपनी दिलचस्पी पश्चिमी शैली में गायन की थी।

मधुश्री ने कैसे तैयार की 52 घंटे की रामचरितमानस?

तुलसीदास की ‘श्री रामचरितमानस’ को 52 घंटे की संगीतमय प्रस्तुति में ढालना मधुश्री और संगीतकार रॉबी बादल के लिए लंबा और चुनौतीपूर्ण सफर रहा। दोनों ने इस परियोजना पर करीब दो साल काम किया। मधुश्री ने बताया कि बंगाली होने के कारण अवधी में पूरी रामचरितमानस गाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।

उन्होंने कहा, “मैंने रामजी के नाम पर खुद को समर्पित कर दिया। पिछले दो साल से अधिक समय तक मैं रामचरितमानस गाती रही और भक्ति भाव में डूबी रही।” उन्होंने यह भी बताया कि कई बार इसे गाते हुए उनकी आंखों में आंसू आ गए। उनके मुताबिक, फिल्मी गानों में लोकप्रियता की उम्मीद होती है, लेकिन इस प्रस्तुति को उन्होंने पूरी तरह भक्ति भाव से गाया। उन्होंने कहा, “मैंने सिर्फ गाया नहीं, बल्कि साधना की है।”

रॉबी बादल ने मधुश्री की आवाज को क्यों बताया जरूरी?

इस परियोजना के संगीतकार रॉबी बादल ने कहा कि मधुश्री की आवाज के बिना यह प्रस्तुति संभव नहीं होती। उनके मुताबिक, रामचरितमानस को इस रूप में संगीतबद्ध करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। संगीत संयोजन में पारंपरिक भक्ति भाव के साथ आज के श्रोताओं की पसंद का भी ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान नौ भजन रिलीज करने की योजना है। दोनों कलाकारों ने इस काम को कमाई के बजाय भक्ति की भावना से करने की बात कही।

रामचरितमानस के टीजर लॉन्च पर कौन-कौन पहुंचा?

मुंबई में टीजर लॉन्च के दौरान आध्यात्मिक गुरु ओमा द अक्क, फिल्म निर्देशक करण राजदान, अभिनेता गगन मलिक, वास्तु विशेषज्ञ डॉ. खोजा, अभिनेत्री कंपल पटेल, पराग चापेकर और महिमा भारद्वाज समेत कई लोग मौजूद रहे। ओमा द अक्क ने कहा कि इस प्रस्तुति से नई पीढ़ी, खासकर जेन-ज़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने की कोशिश की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रस्तुति पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनी जाएगी। वीडियो संदेशों के जरिए अनूप जलोटा, कैलाश खेर, कुमार सानू और मंदाकिनी ने भी दोनों कलाकारों को शुभकामनाएं दीं।