"जब हम सुनते हैं कि इतने रुपये लगाए जा रहे हैं तो हम चौंक जाते हैं। इतना पैसा!"

बुकिंग देखने पर बड़ी भीड़ वाली फिल्म देखने थिएटर पहुँचने पर केवल 12 लोग ही मौजूद थे, यह अनुभव साझा करते हुए Anoop Menon ने कहा। वह अपनी नई फिल्म 'चेकमेट' देखने के बाद थिएटर से बाहर निकल रहे थे। उन्होंने कहा कि फिल्म देखने वालों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

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"मलयालम सिनेमा में आजकल एक बहुत ही खतरनाक, या यूँ कहें कि दुखद चलन देखने को मिल रहा है कि पहले तीन दिन बड़ी संख्या में थिएटरों में फिल्म लगाकर दर्शकों को लाना पड़ता है। जब हम सुनते हैं कि इतने रुपये लगाए जा रहे हैं तो हम चौंक जाते हैं। इतना पैसा! एक फिल्म बनाने में जितना खर्च आता है, उसके करीब-करीब पैसा थिएटर में दर्शकों को लाने में खर्च हो रहा है। लेकिन जब हम इसी थिएटर में दर्शकों को लाने के लिए इतना खर्च करते हैं और अंदर जाकर देखते हैं तो केवल 12 लोग ही मिलते हैं। अक्सर ऐसा होता है कि केवल बुकिंग ही होती है। यह कोई फुलप्रूफ तरीका नहीं है", Anoop Menon ने कहा।

अमेरिकन मलयालियों द्वारा निर्मित फिल्म 'चेकमेट' के बारे में Anoop Menon ने कहा- "असली रिव्यू आ रहे हैं। यह कोई पुरानी तर्ज पर बनी फिल्म नहीं है। दर्शकों को इस फिल्म पर विश्वास करने में थोड़ा समय लगेगा। उम्मीद है कि यह समय जल्द ही बीत जाएगा। यह अमेरिकन मलयालियों की फिल्म है। फिल्मों के प्रति विशुद्ध प्रेम के कारण ही वे इस फिल्म से जुड़े। पिछले चार सालों से वे इस फिल्म में पैसा लगा रहे हैं। फिल्म को रिलीज कराने के लिए भी उन्हें बहुत मशक्कत करनी पड़ी। कोई बड़ा डिस्ट्रीब्यूटर तैयार नहीं हुआ। ट्रेलर लॉन्च करने के लिए भी कोई बड़ा नाम आगे नहीं आया। यह सब बहुत दुखद है। दुर्भाग्यपूर्ण ही कहूँगा। लेकिन फिल्म को बहुत अच्छी रिव्यू मिल रही हैं। यह बहुत खुशी की बात है। यह सब टिकटों में बदलेगा या नहीं, यह तो हम नहीं जानते। उम्मीद है कि ऐसा होगा", Anoop Menon ने कहा।