शूटिंग सेट पर फिल्म क्रू द्वारा आराम न देने पर अभिनेत्रियों द्वारा अनुभव की जाने वाली यातनाओं के बारे में अभिनेत्री रागिणी द्विवेदी ने क्या कहा?    

फिल्मी सितारे और खासकर अभिनेत्रियां, उनके लिए हर तरह की सुविधाएं होती हैं, जहां भी जाती हैं, उनके पीछे-पीछे नौकर-चाकरों की फौज होती है, यह आम धारणा है। स्टार अभिनेताओं की तो बात ही निराली है। उन्हें जितनी सुविधाएँ मिलती हैं, उतनी किसी को नहीं मिलती, ऐसा सोचना स्वाभाविक है। लेकिन शूटिंग सेट पर अभिनेत्रियों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है, इस बारे में पहले भी कई अभिनेत्रियां अपने दिल की बात कह चुकी हैं। अब सैंडलवुड अभिनेत्री रागिणी द्विवेदी ने भी इसी दर्द को बयां किया है। उन्होंने शूटिंग स्पॉट पर कई मौकों पर खुद के साथ हुए बुरे अनुभवों के बारे में बात की है।

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एंकर रैपिड रश्मि के शो में अभिनेत्री ने अपने जीवन के कई पहलुओं पर खुलकर बात की, जिसमें शूटिंग स्पॉट का जिक्र भी था। आम तौर पर अभिनेता-अभिनेत्रियों को वैनिटी वैन दी जाती है। कई फिल्मी सितारों की वैनिटी वैन किसी स्टार होटल से कम नहीं होती। इनमें हर तरह की सुविधाएँ होती हैं। कई बार तो वे उन्हीं में रुकते भी हैं। बुनियादी सुविधाओं से लेकर घर जैसी हर सहूलियत उनमें मौजूद होती है।

लेकिन रागिणी ने बताया कि कई बार कुछ फिल्मों में बुनियादी सुविधाएँ भी नहीं दी जातीं। कपड़े बदलने के लिए, वाशरूम जाने के लिए भी वैनिटी वैन का इंतजाम करने को कहो तो वो भी नहीं करते। कई बार शूटिंग ऐसी जगहों पर होती है जो काफी दूर-दराज होती हैं। अगर वो कोई सुनसान इलाका हुआ तो कहने ही क्या। अभिनेता तो कहीं भी कपड़े बदल सकते हैं, वाशरूम जा सकते हैं। लेकिन अभिनेत्रियाँ? इसलिए वैनिटी वैन का इंतजाम किया जाता है। लेकिन कई बार उन्हें वैनिटी वैन न देकर परेशान किया जाता है। इससे कई अभिनेत्रियों को बहुत परेशानी होती है।

हम ये नहीं कहते कि हमें एसी में बैठना है, वैनिटी वैन मांग रहे हैं। लेकिन ये भी नहीं मांग सकते। लड़के कहीं भी चेंज कर लेते हैं। लेकिन अभिनेत्रियाँ ऐसा कहें तो स्टारडम कहते हैं, न जाने क्या-क्या कहते हैं। कपड़े बदलें तो कहाँ बदलें? ऐसी परिस्थितियाँ आती रहती हैं। इससे अभिनेत्रियों को कितनी शर्मिंदगी उठानी पड़ती है, ये बात रागिणी ने सबके सामने रखी।

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