Batwara 1947 story Written 16 years back: सनी देओल की फिल्म 'बटवारा 1947' रिलीज हो गई है जिसकी कहानी भारत विभाजन पर आधारित है। भले ये फिल्म अब रिलीज हुई है लेकिन इसकी कहानी 16 साल पहले लिखी जा चुकी थी। लेकिन जानें किस वजह से ये फिल्म बन नहीं पाई।

Sunny Deol की फिल्म 'Batwara 1947' रिलीज से पहले ही चर्चा में है। भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में सनी देओल एक ऐसे किरदार में नजर आ रहे हैं, जो 1947 के बंटवारे की त्रासदी और उसके बीच इंसानी रिश्तों की कहानी को सामने लाता है। लेकिन इस फिल्म की कहानी जितनी भावुक है, इसका सफर उससे भी ज्यादा दिलचस्प रहा है। खास बात यह है कि सनी देओल ने 'Batwara 1947' की कहानी करीब 16 साल पहले ही सुन ली थी, लेकिन इतने लंबे समय तक यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। आखिर ऐसा क्या हुआ कि कहानी पसंद आने के बावजूद फिल्म बनने में डेढ़ दशक से ज्यादा का वक्त लग गया?

16 साल पहले Sunny Deol को सुनाई गई थी कहानी

रिपोर्ट के मुताबिक, 'Batwara 1947' की कहानी सनी देओल को लगभग 16 साल पहले सुनाई गई थी। कहानी ने उनका ध्यान खींचा, लेकिन उस समय इसे फिल्म के रूप में आगे बढ़ाने का रास्ता आसान नहीं था। कई साल तक यह प्रोजेक्ट अलग-अलग वजहों से अटका रहा। आखिरकार कहानी को सही रूप देने और उसे बड़े पर्दे पर लाने का मौका तब आया, जब सनी देओल और उनके पुराने सहयोगी Rajkumar Santoshi दोबारा साथ आए। सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी इससे पहले 'Ghayal', 'Damini' और 'Ghatak' जैसी फिल्मों में अपनी खास पहचान बना चुकी है। इसलिए दोनों का दोबारा साथ आना भी इस प्रोजेक्ट के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

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आखिर इतने साल तक क्यों अटकी रही फिल्म?

इतनी पुरानी कहानी के बावजूद फिल्म का बनना आसान नहीं था। Partition of India जैसे संवेदनशील और बड़े ऐतिहासिक विषय को पर्दे पर उतारने के लिए सिर्फ एक अच्छी कहानी काफी नहीं थी। फिल्म को बड़े स्तर पर बनाने, सही कलाकारों को जोड़ने और कहानी के भावनात्मक पक्ष के साथ न्याय करने की जरूरत थी। इसी वजह से प्रोजेक्ट लंबे समय तक विकास के अलग-अलग चरणों से गुजरता रहा। बाद में जब फिल्म को बड़े स्तर पर बनाने की तैयारी हुई, तो सनी देओल के साथ राजकुमार संतोषी और निर्माता के तौर पर Aamir Khan जैसे नाम जुड़े। यानी जिस कहानी का बीज 16 साल पहले बोया गया था, उसे पर्दे तक पहुंचने में एक लंबा वक्त लगा।

'Batwara 1947' में क्या है खास?

फिल्म 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें सनी देओल Sikander Mirza की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि Preity Zinta उनकी पत्नी Hameeda Mirza के किरदार में नजर आएंगी। फिल्म में Shabana Azmi, Karan Deol, Ali Fazal और Abhimanyu Singh भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है और इसे आमिर खान प्रोड्यूस कर रहे हैं। कहानी का केंद्र सिर्फ बंटवारे की हिंसा नहीं है, बल्कि उस दौर में इंसानियत, परिवार, रिश्तों और मजबूरी के बीच पैदा होने वाले संघर्ष को भी दिखाता है।

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Sunny Deol के लिए 'Batwara 1947' क्यों है खास?

सनी देओल का नाम Partition आधारित फिल्मों से पहले भी जुड़ चुका है। उनकी फिल्म 'Gadar: Ek Prem Katha' ने भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दौर को एक अलग नजरिए से दिखाया था। अब 'Batwara 1947' में वह एक बिल्कुल अलग तरह की कहानी लेकर सामने आए हैं। सनी ने खुद भी इस फर्क पर बात की है। उनके मुताबिक दोनों फिल्मों की पृष्ठभूमि भले ही Partition से जुड़ी हो, लेकिन उनके किरदार और कहानियां बिल्कुल अलग हैं। 'Gadar' में वह Tara Singh के रूप में नजर आए थे, जबकि 'Batwara 1947' में उनका किरदार Sikander Mirza है।

Preity Zinta और Sunny Deol की जोड़ी भी लौटी

फिल्म की एक और खासियत Sunny Deol और Preity Zinta की जोड़ी है। दोनों इससे पहले कई फिल्मों में साथ नजर आ चुके हैं और अब लंबे समय बाद एक गंभीर पीरियड ड्रामा के लिए स्क्रीन पर लौटे हैं। फिल्म में प्रीति Hameeda Mirza का किरदार निभा रही हैं। उनके अलावा Shabana Azmi की मौजूदगी ने भी फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ाई है। शुरुआती समीक्षाओं में सनी देओल और प्रीति जिंटा की परफॉर्मेंस की तारीफ भी सामने आई है।

16 साल पुरानी कहानी आखिरकार पर्दे पर

कभी जिस कहानी को सनी देओल ने सुना था, उसे सिनेमाघरों तक पहुंचने में करीब 16 साल लग गए। इस दौरान बॉलीवुड भी काफी बदल गया और सनी देओल के करियर में भी कई उतार-चढ़ाव आए। लेकिन 'Gadar 2' और 'Border 2' जैसी फिल्मों के बाद सनी देओल एक बार फिर बड़े पर्दे पर मजबूत वापसी कर चुके हैं। ऐसे में 1947 के बंटवारे जैसे गंभीर विषय पर बनी 'Batwara 1947' को लेकर दर्शकों की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई हैं। फिल्म अब सिर्फ एक पुरानी कहानी नहीं है, बल्कि 16 साल के इंतजार के बाद पर्दे पर पहुंचा एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसे सनी देओल ने वर्षों पहले सुना था और अब आखिरकार उसे दर्शकों के सामने लेकर आए हैं।