अपनी फिल्म ‘गांधारी’ को लेकर चर्चा में बनी हुई तापसी पन्नू ने बताया कि मेनस्ट्रीम फिल्मों में रोल पाने के लिए सिर्फ टैलेंट काफी नहीं, बल्कि मार्केट, कॉन्टैक्ट्स और विजिबिलिटी भी बड़ा फैक्टर हैं।
तापसी पन्नू ने बॉलीवुड में मेनस्ट्रीम फिल्मों की कास्टिंग को लेकर खुलकर बात की है। एक्ट्रेस का मानना है कि कमर्शियल सिनेमा में महिला किरदार अक्सर इतने मजबूत नहीं होते कि उन्हें निभाने वाली एक्ट्रेस को लेकर बहुत ज्यादा फर्क पड़े। ऐसे में कास्टिंग के दौरान एक्टिंग कैपेसिटी के अलावा मार्केट वैल्यू, पहचान, संपर्क और इंडस्ट्री में मौजूदगी जैसे पहलू भी अहम हो जाते हैं। तापसी ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें ‘डंकी’ में काम सिर्फ इसलिए मिला, क्योंकि डायरेक्टर राजकुमार हिरानी उनके काम से प्रभावित थे। एक्ट्रेस ने यह भी माना कि ऐसे मौके इंडस्ट्री में कम मिलते हैं।
मेनस्ट्रीम फिल्मों में टैलेंट से ज्यादा क्या चलता है?
तापसी पन्नू ने कहा कि कलाकारों को बदलना आसान है और कमर्शियल फिल्मों के कई महिला किरदार ऐसे होते हैं, जिन्हें कोई भी एक्ट्रेस अपने अंदाज में निभा सकती है। उनके मुताबिक, ऐसे रोल हासिल करने में टैलेंट के साथ कई दूसरे फैक्टर काम करते हैं।न्यूज 18 से बातचीत में उन्होंने कहा,
मुझे लगता है कि सभी कलाकारों को बदला जा सकता है। ऐसा नहीं है कि कोई भूमिका सिर्फ वही कर सकता है। वे इसे अलग तरीके से कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हर कोई हर भूमिका निभा सकता है। लेकिन इन तथाकथित मेनस्ट्रीम और कमर्शियल फिल्मों में महिला किरदार ऐसे होते हैं, जिन्हें कोई भी निभा सकता है। इन भूमिकाओं को पाने का आधार आपका टैलेंट नहीं, बल्कि आपका मार्केट, बिक्री की क्षमता, संपर्क, विजिबिलिटी, मौजूदगी और प्रभाव होता है। ये सभी चीजें एक अभिनेता के टैलेंट से ज्यादा मायने रखती हैं।
‘डंकी’ के बाद भी क्यों नहीं बदली तापसी की किस्मत?
एक्ट्रेस ने माना कि इन सभी पहलुओं में वह खुद पीछे हैं। उनके अनुसार, उनके पास किसी फिल्म को हासिल करने का सबसे बड़ा आधार सिर्फ उनका टैलेंट है। उन्होंने बताया कि ‘डंकी’ में काम मिलने की वजह भी उनकी एक्टिंग थी। तापसी ने कहा,
मुझे पता है कि इन फैक्टर्स के मामले में मैं पीछे हूं। मुझे फिल्म सिर्फ अपने टैलेंट के आधार पर मिल सकती है। ‘डंकी’ में काम करने की एकमात्र वजह यह थी कि राजू सर ने मेरा काम देखा था। उन्होंने मेरे लिए मजबूती से मेरा पक्ष लिया।
तापसी की मानें तो 'डंकी' के बाद उन्हें कोई कमर्शियल फिल्म नहीं मिली है।
राजकुमार हिरानी ने तापसी पन्नू को क्यों चुना था?
तापसी ने ‘डंकी’ में उन्हें मौका देने का पूरा श्रेय राजकुमार हिरानी को दिया। उन्होंने कहा कि हिरानी जिस एक्ट्रेस को अपनी फिल्म के लिए चाहते हैं, उसके सिलेक्शन को लेकर स्पष्ट रहते हैं। एक्ट्रेस के मुताबिक इंडस्ट्री में ऐसे डायरेक्टर बहुत कम हैं।उन्होंने आगे कहा,
आमतौर पर कमर्शियल फिल्म में किरदार इतने महत्वपूर्ण नहीं होते और इसलिए इससे फर्क नहीं पड़ता कि भूमिका कौन-सी एक्ट्रेस निभा रही है। अगर कोई एक्ट्रेस बजट में फिट बैठती है और उसकी एक निश्चित मार्केट वैल्यू है, तो उसे तुरंत कास्ट कर लिया जाता है। ऐसी मेनस्ट्रीम फिल्में बहुत कम हैं, जिनमें एक्ट्रेस को सिर्फ टैलेंट के आधार पर चुना जाता है। और राजू सर जैसे निर्देशक, जो अपनी पसंद की एक्ट्रेस को लेकर इतने निश्चित हों, उससे भी कम हैं।
तापसी पन्नू की लेटेस्ट फिल्म कौन सी है?
तापसी आखिरी बार ‘गांधारी’ में नजर आई थीं। कहानी एक मां के इर्द-गिर्द है, जो अपनी अगवा हुई बेटी को तलाशने और उसे वापस लाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। फिल्म में बदला और प्रायश्चित जैसे पहलुओं को भी दिखाया गया है। इसे दर्शकों और समीक्षकों से मिली-जुली से लेकर नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
