फिल्म 'नदिया के पार' के ओमकार यानी इंदर ठाकुर की कहानी बेहद दर्दनाक है। एक्टर, मॉडल और फैशन डिज़ाइनर, इंदर का करियर बुलंदियों पर था, लेकिन एक हादसे ने सबकुछ छीन लिया।

एंटरटेनमेंट डेस्क. 43 साल पहले एक फिल्म रिलीज हुई थी, जिसकी चर्चा आज भी होती है। यह ऐसी फैमिली फिल्म थी, जिसके प्रशंसक आज के दौर के दर्शक भी हैं और आज भी लोग यूट्यूब और OTT पर ढूंढ-ढूंढकर इसे देखना पसंद करते हैं। हम बात कर रहे हैं फिल्म 'नदिया के पार' की, जो 1 जनवरी 1982 को रिलीज हुई थी। इस फिल्म में हर किरदार ने दर्शकों के दिल पर छाप छोड़ी थी। इनमें इंदर ठाकुर भी थे, जिन्होंने इस फिल्म में सचिन पिलगांवकर के बड़े भाई और साधना सिंह के जीजा का रोल निभाया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंदर ठाकुर अब इस दुनिया में नहीं हैं। वे उस वक्त 35 साल के थे, जब एक विमान पर आतंकियों की बमबारी में उनका निधन हो गया था। जानिए इंदर ठाकुर के बारे में सबकुछ...

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कौन थे नदिया के पार' फेम इंदर ठाकुर

इंदर ठाकुर गुजरे ज़माने के लिए मशहूर एक्टर हीरालाल ठाकुर के बेटे थे। हीरालाल को 1928 से 1981 के बीच फिल्मों के कैरेक्टर आर्टिस्ट और विलेन के तौर पर देखा गया था। अपने विलेन के किरदार के चलते उन्हें बैड मैन का टैग मिला हुआ था। इंदर ठाकुर हीरालाल ठाकुर की 6 संतानों में से एक थे। रिपोर्ट्स की मानें तो वे हीरालाल के सबसे छोटे बेटे थे। वे पेशे से सिर्फ एक्टर ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने फैशन डिजाइनर और मॉडल के तौर पर भी पहचान बनाई थी। ख़बरों की मानें तो उन्होंने एयर इंडिया के लिए बतौर केबिन मैनेजर काम किया था। इंदर ठाकुर की शादी प्रिया नाम की एयरहोस्टेस से हुई थी, जिनसे उनका एक बेटा था। 

इंदर ठाकुर ने 4 फिल्मों में किया था काम

'नदिया के पार' इंदर ठाकुर की पहली फिल्म थी। इसमें उन्होंने सचिन के बड़े भाई ओमकार का रोल किया था। बाद में इंदर को 1983 में रिलीज हुई 'चटपटी' में छोटे ठाकुर, 1983 में ही आई 'हीरो' में युवराज और 1985 में रिलीज हुई 'तुलसी' में गणेश सिंह के किरदार में देखा गया। अगर उनकी असमय मौत ना हुई होती तो वे बॉलीवुड के सबसे पॉपुलर एक्टर्स में से एक होते।

कैसे हुआ था इंदर ठाकुर का निधन

1985 में इंदर ठाकुर ने न्यूयॉर्क में हुए वर्ल्ड मॉडलिंग एसोसिएशन कन्वेंशन में इंटरनेशनल फैशन डिजाइनर का अवॉर्ड अपने नाम किया। यह वो साल था, जब इंदर ठाकुर का पूरा परिवार ख़त्म हो गया। 1985 में जब एयरइंडिया की फ्लाइट 182 कनाडा के मॉन्ट्रियल से दिल्ली के लिए उड़ान भर रही थी, तब खालिस्तानी चरमपंथियों ने इसे बम से उड़ा दिया था। बताया जाता है कि इसी विमान में इंदर ठाकुर अपनी पत्नी और बेटे के साथ मौजूद थे। उनका पूरा परिवार ख़त्म हो गया। उनके घरवालों को उनकी लाश तक नहीं मिली थी।

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