Mandala Murders Review: 'मंडला मर्डर्स' में वाणी कपूर एक सीआईबी अफसर बनी हैं, जो रहस्यमयी हत्याओं की गुत्थी सुलझाती हैं। इसकी कहानी दिलचस्प है, लेकिन इसका अंत थोड़ा कमजोर होता है। इन सबके बीच वाणी कपूर और वैभव ने दमदार एक्टिंग की है।

एंटरटेनमेंट डेस्क. Mandala Murders Review In Hindi : वाणी कपूर की वेब सीरीज 'मंडला मर्डर्स' 25 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। इसमें वाणी ने एसपी रीया थॉमस के रोल में नजर आ रही हैं, जो 'यंत्र, ऊर्जा, वरदान' के एक अनोखे संगम के रूप में सामने आती है। यह भारतीय स्ट्रीमिंग जगत में अब तक देखे गए ज्यादातर मिस्ट्री ड्रामा से काफी अलग है, लेकिन कहीं न कहीं, यह सीरीज अपनी ही भूलभुलैया में खो जाती है। ऐसे में आइए पढ़ते हैं फिल्म का रिव्यू।

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कैसी है 'मंडला मर्डर्स' की कहानी ?

'मंडला मर्डर्स' एक दिलचस्प कहानी से शुरू होती है। इसकी शुरुआत तब होती है, जब एक गांव में लगातार मर्डर हो रहे होते हैं। दिलचस्प बात यह होती है कि लाश में से हर बार कोई न कोई अंग नहीं होता है। इस बीच वाणी कपूर की एंट्री होती है, जो सीआईबी ऑफिसर होती हैं। इस केस को सुलझाने में एक सस्पेंडेड ऑफिसर उनकी मदद करता है। ऐसे में जैसे-जैसे दोनों केस को सुलझाने के लिए आगे बड़ते हैं। वैसे-वैसे ट्विस्ट आने लगते हैं। यह एक ऐसी कहानी है, जो चौंकाती है, उलझाती है और अंत तक बांधे रखती है। इसके हर मोड़ पर कुछ नया होता है, और आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि आगे क्या होगा, लेकिन जब आखिरी एपिसोड आता है और सच्चाई सामने आने लगती है, तो कहानी वैसी नहीं होती जैसी आप उम्मीद करते हैं। इस कहानी को 'द बुचर ऑफ बनारस' किताब से लिया गया है।

कैसी है 'मंडला मर्डर्स' के स्टार कास्ट की एक्टिंग ?

'मंडला मर्डर्स' में वाणी कपूर के साथ-साथ वैभव राज गुप्ता, सुरवीन चावला, जमील खान और श्रिया पिलगांवकर ने जैसे सेलेब्स अहम भूमिका में नजर आ रहे हैं। वाणी कपूर ने इसमें अब तक का सबसे अलग किरदार निभाया है। वहीं वैभव राज गुप्ता ने भी अपनी परफॉर्मेंस से सबको हैरान कर दिया है। इसके साथ ही सुरवीन चावला एक बार फिर अपनी दमदार एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस से सबको प्रभावित कर दिया है। श्रिया पिलगांवकर भले ही सीमित स्क्रीन टाइम में नजर आती हैं, लेकिन अपनी छाप छोड़ने में सफल रहती हैं।