मुन्ना भाई एमबीबीएस जैसी फिल्मों और ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ जैसे शोज से पहचान बनाने वाले एक्टर विशाल ठक्कर 1 जनवरी 2016 को अचानक लापता हो गए। दस साल बाद भी न फोन मिला, न कोई पक्की खबर और न ही रहस्य सुलझा।
फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुके एक्टर विशाल ठक्कर की गुमशुदगी आज भी एक अनसुलझी पहेली है। ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’, ‘चांदनी बार’ और ‘टैंगो चार्ली’ जैसी फिल्मों के साथ ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’, ‘आहट’ और ‘थपकी प्यार की’ जैसे शोज में नजर आए विशाल 1 जनवरी 2016 को अचानक गायब हो गए थे। इससे ठीक पहले वह परिवार से मिले, मां से पैसे लेकर घर से निकले और पिता को पार्टी में जाने का मैसेज किया। इसके बाद उनकी आखिरी लोकेशन, बंद फोन और पुराने विवाद ने मामले को और रहस्यमय बना दिया। दस साल बाद भी परिवार को उनकी कोई पक्की खबर नहीं मिली है।
आखिर 31 दिसंबर की रात विशाल ठक्कर के साथ क्या हुआ था?
31 दिसंबर 2015 की रात विशाल ठक्कर अपने परिवार के साथ मुंबई के मुलुंड स्थित घर पर थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपनी मां दुर्गा से थिएटर में ‘स्टार वॉर्स: द फोर्स अवेकन्स’ देखने के लिए साथ चलने को कहा था, लेकिन वह उनके साथ नहीं गईं। बाद में यही फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा पछतावा बन गया, क्योंकि वही आखिरी मौका था जब उन्होंने अपने बेटे को देखा था।

रात करीब 10:30 बजे विशाल ने मां से 500 रुपये लिए और घर से निकल गए। कुछ घंटे बाद करीब 1 बजे उन्होंने पिता महेंद्र को मैसेज किया—“मैं एक पार्टी में जा रहा हूं। कल मिलता हूं।” परिवार से यह उनका आखिरी संपर्क था। अगली सुबह से उनका कोई पता नहीं चला। उस समय उनकी उम्र करीब 30 साल थी।
नए साल की सुबह कहां आखिरी बार दिखे थे विशाल?
पुलिस के मुताबिक विशाल ने न्यू ईयर ईव अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अहमदाबाद हाईवे के पास एक रिसॉर्ट में बिताया था। वापस लौटते वक्त दोनों घोड़बंदर रोड स्थित फाउंटेन होटल पर चाय पीने के लिए रुके। यहीं विशाल ने कथित तौर पर अपनी गर्लफ्रेंड से कहा कि उन्हें अंधेरी में एक दोस्त से मिलना है और इसके बाद वह वहां से निकल गए। जांच अधिकारी जयवंत पाडवी ने 2016 में मीडिया से कहा था, “फाउंटेन में चाय पीते समय विशाल ने उससे कहा कि उसे अंधेरी में एक दोस्त से मिलना है और वह चला गया। इसके बाद उसने उसे तलाशने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिला। उसका फोन भी तभी से बंद है। किसी को नहीं पता कि वह कहां है।”

पुलिस के अनुसार, विशाल को 1 जनवरी की सुबह करीब 11:45 बजे अंधेरी की तरफ जाने वाले एक ऑटो को रोकते हुए आखिरी बार देखा गया था। उन्हें वहां शूटिंग के लिए जाना था। उनके आखिरी कॉल रिकॉर्ड भी घोड़बंदर रोड के आसपास की लोकेशन की ओर इशारा करते थे। इसके बाद केस को मुलुंड पुलिस स्टेशन से कसारवडवली पुलिस को ट्रांसफर किया गया।
आखिरी फेसबुक पोस्ट में क्या लिखा था?
1 जनवरी को दोपहर करीब 12:10 बजे विशाल ने फेसबुक पर नए साल की शुभकामना वाला पोस्ट किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक यही उनकी आखिरी ज्ञात सोशल मीडिया गतिविधि थी। इसके कुछ ही समय बाद उनका फोन बंद हो गया और 2019 की रिपोर्ट के अनुसार उसके बाद वह दोबारा कभी ऑन नहीं हुआ। इसके बाद जांच में कई सवाल सामने आए। न कोई फिरौती की कॉल आई, न किसी अस्पताल में उनकी पहचान से मिलता-जुलता कोई अज्ञात मरीज दर्ज हुआ और न ही उनका फोन बरामद किया जा सका। बैंक खाते में भी गायब होने के बाद किसी तरह की गतिविधि नहीं मिली। यानी जांच एजेंसियों के पास सुराग जुटाने के लिए बहुत कम ठोस सबूत बचे।
विशाल ठक्कर की गर्लफ्रेंड पर भी हुआ था शक?

विशाल के गायब होने के बाद पुलिस ने उनकी गर्लफ्रेंड से भी पूछताछ की। पूर्व जांच अधिकारी महेंद्र पुरी के मुताबिक शुरुआत में पुलिस ने इस संभावना को भी जांचा था कि कहीं वह इस मामले में शामिल तो नहीं थीं। लेकिन उनकी ओर से दिए गए बयान में पुलिस को कोई स्पष्ट गड़बड़ी नहीं मिली। महेंद्र पुरी ने 2019 में कहा था, “शुरुआत में हमें गर्लफ्रेंड पर शक था। लेकिन उसके बयान में कोई विसंगति नहीं थी।” यानी जांच में यह बात साबित नहीं हो सकी कि विशाल के गायब होने के पीछे उनकी गर्लफ्रेंड की कोई भूमिका थी।
गायब होने से तीन महीने पहले गर्लफ्रेंड ने लगाया था रेप का आरोप
विशाल के लापता होने से करीब तीन महीने पहले, अक्टूबर 2015 में उनकी तत्कालीन गर्लफ्रेंड, जो खुद भी टीवी एक्टर थीं, ने उन पर रेप और मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। विशाल के परिवार का कहना था कि बाद में दोनों के बीच विवाद सुलझ गया और शिकायत वापस ले ली गई। विशाल की मां दुर्गा ने 2019 में इस घटनाक्रम को याद करते हुए कहा था, “वह अक्सर हमारे घर आती थी। एक दिन दोनों साथ थे और अगले दिन वह पुलिस लेकर मेरे दरवाजे पर आ गई।” उन्होंने आगे कहा, “यह एक छोटी सी लड़ाई थी। बाद में दोनों ने इसे सुलझा लिया।”
क्या इस विवाद ने विशाल को अंदर से तोड़ दिया था?
विशाल के परिवार ने बाद में आशंका जताई कि इस पूरे विवाद का उनके मानसिक और पेशेवर जीवन पर गहरा असर पड़ा। पुलिस के हवाले से 2019 की रिपोर्ट में कहा गया था कि शिकायत के बाद उनके एक्टिंग करियर को नुकसान हुआ और पर्याप्त काम न मिलने की वजह से वह तनाव और अवसाद से जूझ रहे थे। मां दुर्गा ने कहा था, “वह मां का बहुत दुलारा था। हम पर जो अपमान आया, वह उसे बर्दाश्त नहीं कर पाया।”
रेप का आरोप लगाने वाली महिला फ़्लैट में मृत मिली
मामले से जुड़ी एक और दुखद घटना भी सामने आई। जिस महिला ने विशाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, वह बाद में अपने कांदिवली स्थित फ्लैट में मृत मिलीं। 2019 की रिपोर्टों में उस समय संभावित तौर पर हार्ट अटैक की बात सामने आई थी। यह घटना विशाल की गुमशुदगी का कोई प्रमाणित कारण साबित नहीं करती, लेकिन मामले के आसपास के रहस्य को जरूर और बढ़ाती है।
क्या पुलिस को आज तक पता चला कि विशाल के साथ क्या हुआ?
यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है और इसका जवाब आज भी सामने नहीं आया है। 2019 तक पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की थी कि विशाल किसी अपराध का शिकार हुए, उनका अपहरण हुआ या उन्होंने खुद कहीं चले जाने का फैसला किया।इंस्पेक्टर एन. ए. कुलकर्णी ने उस समय साफ कहा था, “हमें नहीं पता कि यह हत्या है, अपहरण है या वह खुद चला गया है।”

गुमशुदगी की जांच को आगे बढ़ाने के लिए कॉन्स्टेबल राजेश पांडे ने विशाल की तस्वीर रेलवे अधिकारियों, अस्पतालों और पुलिस कर्मियों के देशव्यापी नेटवर्क में भी प्रसारित कराई थी। लेकिन 2019 में भी जवाब था—“अभी तक कोई सुराग नहीं।” 2026 में इस गुमशुदगी को एक दशक से ज्यादा हो चुका है, लेकिन विशाल ठक्कर के ठिकाने या उनके साथ वास्तव में क्या हुआ, इसकी कोई पुष्ट जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
कौन थे विशाल ठक्कर और किन फिल्मों-शोज में किया काम?
विशाल ठक्कर को सबसे ज्यादा पहचान ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ से मिली थी। यह फिल्म 2003 में रिलीज हुई थी, 2013 में नहीं जैसा दिए गए मूल कंटेंट में लिखा था। फिल्म में उनका रोल छोटा था, लेकिन यादगार रहा। वह उस युवक के किरदार में दिखे थे, जो प्यार में ठुकराए जाने के बाद खुदकुशी की कोशिश करता है और मुन्ना भाई (संजय दत्त) उसे संभालते हैं। इस भूमिका ने उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाई। इससे पहले वह मधुर भंडारकर की ‘चांदनी बार’ में काम कर चुके थे। इसके बाद उनके खाते में ‘तुम: ए डेंजरस ऑब्सेशन’ और ‘टैंगो चार्ली’ जैसी फिल्में आईं। टीवी पर भी विशाल लगातार काम करते रहे। उनके क्रेडिट्स में ‘आहट’, ‘किस देश में है मेरा दिल’, ‘कहानी हमारे महाभारत की’, ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’, ‘अदालत’, ‘धर्मक्षेत्र’, ‘सावधान इंडिया’ और ‘थपकी प्यार की’ जैसे शोज शामिल रहे।
आज 10 साल बाद भी परिवार किस जवाब का इंतजार कर रहा है?
विशाल के परिवार के लिए यह कहानी किसी पुरानी खबर की तरह खत्म नहीं हुई। उनका इंतजार अब भी जारी है। एक ऐसा एक्टर, जिसकी जिंदगी फिल्मों और टीवी के जरिए लोगों के सामने थी, अचानक इस तरह गायब हुआ कि पीछे सिर्फ कुछ मैसेज, आखिरी लोकेशन, बंद फोन और अधूरी जांच के सवाल रह गए। 2026 की ताजा रिपोर्ट में भी यही सामने आया कि एक दशक से ज्यादा समय बाद विशाल ठक्कर के बारे में कोई पुष्ट जानकारी नहीं है। यही वजह है कि उनकी गुमशुदगी आज भी भारतीय टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के सबसे रहस्यमय मामलों में गिनी जाती है।
