पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट पर BJP की जीत ने बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया। विवेक अग्निहोत्री ने ममता बनर्जी पर अपनी फिल्मों पर रोक और उत्पीड़न के आरोप लगाए, जबकि चुनाव के दौरान गुप्त स्क्रीनिंग का भी दावा किया।
Vivek Agnihotri on Mamta Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर बड़ी जीत हासिल की है। यह सीट लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस (TMC) का मजबूत गढ़ मानी जाती थी। इस जीत ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। साथ ही, सुवेंदु अधिकारी के लिए इस क्षेत्र में अपनी दावेदारी मजबूत करने का रास्ता भी खुल गया है। बंगाल में TMC की करारी हार पर फिल्म 'बंगाल फाइल्स' के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री का रिएक्शन आया है।
बंगाल में ‘बदलाव का पल’
फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने बंगाल के नतीजों पर खुशी जताते हुए 5 मई को इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट शेयर की। उन्होंने इसे 'बदलाव का अहम क्षण' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार ने उनके खिलाफ अभियान चलाया था, जिसके कारण उनकी फिल्मों को पश्चिम बंगाल में दर्शकों तक पहुंचाने में दिक्कतें आईं।
‘मुझे बंगाल में आने की परमिशन नहीं’ – अग्निहोत्री का आरोप
विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि उनकी फिल्म The Kashmir Files को राज्य के सिनेमाघरों से हटा दिया गया था। उनका दावा है कि यह फैसला मुख्यमंत्री के निर्देश पर लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल में आने से रोका गया। उनके अनुसार, द कश्मीर फाइल्स की रिलीज के बाद मुझे बंगाल में ‘कैंसिल’ कर दिया गया। फिल्म हटा दी गई और मुझे राज्य में आने की परमिशन नहीं दी गई।
‘The Bengal Files’ पर भी पाबंदी के आरोप
अग्निहोत्री ने अपनी दूसरी फिल्म The Bengal Files को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस फिल्म पर पश्चिम बंगाल में पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। उनके मुताबिक, फिल्म का ट्रेलर लॉन्च रोका गया, टीम पर हमले हुए, उनके खिलाफ कई FIR दर्ज हुईं। यहां तक कि वे राज्य में पुरस्कार लेने भी नहीं जा सके
विवादों में रही ‘फाइल्स’ ट्रिलॉजी
विवेक अग्निहोत्री की “फाइल्स” सीरीज की फिल्मों ने देशभर में बहस छेड़ी है। इन फिल्मों पर आरोप लगे कि इनके जरिये राजनीतिक एजेंडा को बढ़ावा दिया गया।ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया और समाज में तनाव बढ़ाने की कोशिश हुई। ‘द कश्मीर फाइल्स’ को कश्मीरी पंडितों के पलायन के चित्रण को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी, जबकि ‘द बंगाल फाइल्स’ ने 1940 के दशक की हिंसक घटनाओं को लेकर विवाद खड़ा किया।
चुनाव के दौरान गुपचुप स्क्रीनिंग का दावा
अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि तमाम पाबंदियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान ‘The Bengal Files’ की गुपचुप स्क्रीनिंग पूरे राज्य में करवाई गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग फिल्म देख सकें। उन्होंने लिखा- “हमने हार नहीं मानी और अपने तरीके से लड़ाई जारी रखी।” बता दें कि बंगाल फाइल्स मूवी 946 के डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखली दंगों पर आधारित है।
टैगोर की कविता का जिक्र, जनता को दी बधाई
अग्निहोत्री ने रवींद्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कविता Where the Mind is Without Fear का जिक्र करते हुए बंगाल के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत लोगों के 'सही फैसले' का परिणाम है और अब वे बिना डर के आगे बढ़ सकते हैं।


