इस खबर को लेकर राष्ट्रीय जनता दल औरंगाबाद के ट्विटर हैंडल से लिखा गया है, "रक्सौल विधानसभा से बीजेपी उम्मीदवार के भाई के घर मिला 119 करोड़ का सोना, इम्युनिटी प्राप्त पार्टी है! कुछ नहीं होगा!" लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती ने भी एक यूट्यूब वीडियो को शेयर करते हुए यही दावा किया है। 

फैक्ट चेक डेस्क.  बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। राज्य में तीन चरणों में वोटिंग होनी है और नतीजा 10 नवंबर को आएगा। इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि बिहार की रक्सौल विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार के भाई के घर से 119 करोड़ रुपये की कीमत का सोना बरामद हुआ है। कुछ खबरों में भी ये दावा किया गया है। बीजेपी उम्मीदवार का नाम प्रमोद सिन्हा बताया जा रहा है जिनके भाई अशोक सिन्हा के घर पर ये छापा पड़ा था।

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फैक्ट चेक में आइए जानते हैं कि आखिर सच्चाई क्या है और इन वायरल तस्वीरों की असलियत- 

वायरल पोस्ट क्या है? 

इस खबर को लेकर राष्ट्रीय जनता दल औरंगाबाद के ट्विटर हैंडल से लिखा गया है, "रक्सौल विधानसभा से बीजेपी उम्मीदवार के भाई के घर मिला 119 करोड़ का सोना, इम्युनिटी प्राप्त पार्टी है! कुछ नहीं होगा!" लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती ने भी एक यूट्यूब वीडियो को शेयर करते हुए यही दावा किया है।

ये गलत दावा सोशल मीडिया पर कई वेरिफाइएड हैंडल से किया गया है। मीसा भारती और आरजेडी के आलावा कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट सुरेंद्र राजपूत ने भी एबीपी न्यूज़ की खबर शेयर करते हुए ये दावा किया है। 

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फैक्ट चेक 

इस वायरल पोस्ट की जांच-पड़ताल में हमने पाया कि ये दावा पूरी तरह से सही नहीं है। बीजेपी उम्मीदवार प्रमोद सिन्हा के भाई के घर से सोने की बरामदगी जरूर हुई है, लेकिन इसकी कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये है, न कि 119 करोड़ रुपये। ये छापेमारी नेपाल के पर्सा जिले के बीरगंज में हुई है। 

पड़ताल

कुछ कीवर्ड की मदद से हमें इस छापेमारी को लेकर इंटरनेट पर कई खबरें मिलीं। हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक, नेपाल पुलिस ने 17 अक्टूबर को बीरगंज स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट में ये छापेमारी की थी। इस रेड में पुलिस को 22 किलो 576 ग्राम सोना और 2 किलो 262 ग्राम चांदी मिली थी। खबर के मुताबिक, ये फ्लैट प्रमोद सिन्हा के भाई अशोक सिन्हा ने किराये पर ले रखा है। छापेमारी के वक़्त घर में कोई मौजूद नहीं था। कुछ खबरों में इस सोने की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई गई है।

नेपाल के द हिमालयन टाइम्स ने भी इस मामले पर खबर प्रकाशित की है। द हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, ये छापेमारी पर्सा पुलिस अधीक्षक गंगा पंथ की निगरानी में हुई थी। गंगा ने मीडिया को बताया कि छापेमारी में उन्हें लगभग 19 करोड़ नेपाली रुपये की कीमत का सोना मिला है।

इस समय 19 करोड़ नेपाली रुपये की कीमत भारतीय रुपये में करीब 12 करोड़ के बराबर है। गंगा ने ये बात साफ कर दी की 119 करोड़ रुपये के गोल्ड मिलने का दावा गलत है। गंगा के मुताबिक जिस घर से ये बरामदगी हुई है वो अशोक सिन्हा की बेटी के नाम पर किराये से है। अशोक सिन्हा एक कस्टम क्लियरिंग एजेंट हैं।

119 करोड़ रुपये के सोने का दावा खुद हिसाब लगाने से भी झूठा साबित होता है। भारत में आज (18 अक्टूबर) की सोने की कीमत से हिसाब लगाया जाए तो 22 किलो 576 ग्राम सोने की कीमत 12 करोड़ के आसपास ही आती है।

क्सौल से बीजेपी उम्मीदवार प्रमोद सिन्हा का कहना था कि सोशल मीडिया पर वायरल ये दावा सरासर झूठ है, उनके और भाई अशोक सिन्हा के बीच बंटवारा हो चुका है और वे 15 साल से अलग-अलग रह रहे हैं।

ये निकला नतीजा 

यहां पड़ताल में साबित होता है कि बीजेपी प्रत्याशी के भाई के घर से 119 करोड़ रुपये का सोना मिलने का दावा गलत है। नेपाल पुलिस को छापेमारी में सोना जरूर मिला, लेकिन वो लगभग 12 करोड़ रुपये की कीमत का है।