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Fact Check: क्या राम जन्मभूमि मंदिर से खुदाई के दौरान मिली सदियों पुरानी पांडुलिपि? जानें वायरल फोटो का सच

अयोध्या में राम जन्मभूमि की जमीन को लेकर दावे किए जा रहे हैं। इसी तरह का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें कहा जा रहा है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर की खुदाई के दौरान सदियों पुरानी पांडुलिपि मिली है।

Fact Check: centuries old manuscript excavated found from Ram Janmabhoomi, know viral video truth dva
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Ayodhya, First Published Jun 27, 2021, 4:00 PM IST
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फैक्ट चेक : अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य जोरों-शोरों से चल रहा है। शनिवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के निर्माण कार्य समीक्षा भी की थी। एक तरफ जहां मंदिर निर्माण का कार्य लगातार किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ आए दिन इससे जुड़े कई दावे भी किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया इससे जुड़ी कई फोटो और वीडियो वायरल हो रहे है। जिसमें अयोध्या में राम जन्मभूमि की जमीन को लेकर दावे किए जा रहे हैं। इसी तरह का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें कहा जा रहा है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर की खुदाई के दौरान सदियों पुरानी पांडुलिपि मिली है। क्या है इस वायरल वीडियो का सच...

क्या है वायरल फोटो का दावा
सोशल मीडिया पर इन दिनों यह वीडियो बहुत वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि मंदिर निर्माण की जगह पर जो खुदाई चल रही है। वहां से एक पांडुलिपि मिली है जिसमें संस्कृत में कुछ लिखा हुआ है। इस वीडियो को शेयर कर लोग लिख रहे हैं कि राम जन्मभूमि स्थल पर खुदाई के दौरान मिला तांबे का पत्ता।

क्या है वायरल वीडियो का सच
वायरल हो रहे वीडियो की जब जांच की गई तो पता चला कि वीडियो को लेकर जो दावा किया जा रहा है वह पूरी तरह से गलत है। यह पांडुलिपि हिब्रू भाषा में है। इसका राम मंदिर जन्मभूमि मंदिर की खुदाई से कोई लेना देना नहीं है।

पड़ताल के लिए गूगल पर इससे जुड़े कुछ कीवर्ड डाले गए, जिसके बाद इस वीडियो के कई लिंक मिले। वीडियो 10 अप्रैल 2020 का है जिसे इंस्टाग्राम पेज  'define.avcilari' पर अपलोड किया गया है। हालांकि, वीडियो शेयर करने वाले ने ज्यादा जानकारी नहीं दी है। इस पेज में कई और फोटो-वीडियो पोस्ट किए गए हैं जिसमें प्राचीन दिखने वाले सिक्के और गहने दिखाए गए है। बताया जा रहा है कि इस पेज पर जो फोटो और वीडियो शेयर किए गए है, वह यहूदी मूल का प्रतीक है।

निष्कर्ष
मिली जानकारी के अनुसार यह साफ है कि वीडियो राम जन्मभूमि से संबंधित नहीं है। वायरल हो रहे वीडियो में किया जा रहा दावा गलत है।

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