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आचार्य बालकृष्ण की तबीयत नहीं बिगड़ी, बल्कि ये तस्वीर दिखाकर आपसे बोला जा रहा है बड़ा झूठ

आचार्य बालकृष्ण की वायरल तस्वीर साल 2019 की है। जब 23 अगस्त को बालकृष्ण की तबीयत खराब हुई थी और उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था।

Fake news viral with photo of Patanjali CEO Balkrishna kpn
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New Delhi, First Published Jun 2, 2021, 9:28 PM IST
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नई दिल्ली. पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के को-फाउंडर और सीईओ आचार्य बालकृष्ण की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीर में दिख रहा है कि वे हॉस्पिटल में बिस्तर पर लेटे हुए हैं। तस्वीर को ताजा विवाद एलोपैथ और आयुर्वेद से जोड़कर वायरल किया जा रहा है। फोटो के अलावा एक वीडियो क्लिक भी है। 

वायरल फोटो के साथ क्या दावा किया जा रहा है?
वायरल फोटो के साथ लिखा है, पंतजलि के बालकृष्ण की तबियत बिगड़ी। बाबा रामदेव सीधे हॉस्पिटल लेकर गए ना ही पंतजलि का कोई भी प्रोडक्ट दिया जब तो बोल रहे थे हवा से ऑक्सीजन खींचो ओर आज ऑक्सीजन पहले लगा दी है। 

तस्वीर के अलावा इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। ये वीडियो ऐसे समय में वायरल हो रहा है जब रामदेव पहले से ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ एलोपैथी दवा पर अपनी कथित टिप्पणियों और कोरोनावायरस मामलों के लिए विवादों में हैं। आईएमए ने 22 मई को रामदेव को कानूनी नोटिस भेजकर अपने बयान वापस लेने को कहा था।

वायरल तस्वीर और वीडियो का सच क्या है?
वायरल तस्वीर को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर पता चला कि ये साल 2019 की है। जब 23 अगस्त को बालकृष्ण की तबीयत खराब हुई थी और उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था।

26 अगस्त 2019 को अपलोड किया गया वीडियो
वीडियो की सर्चिंग के लिए यू-ट्यूब की मदद ली गई। यू-ट्यूब पर आचार्य बालकृष्ण हॉस्पिटल कीवर्ड सर्च किया गया। तब हमें 26 अगस्त 2019 का एक वीडियो मिला। वीडियो में वही क्लिप थी जो वायरल हो रही है।
 
बालकृष्ण को सीने में दर्द हुआ था
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 अगस्त 2019 को आचार्य बालकृष्ण को सीने में दर्द और चक्कर आने की शिकायत थी, जिसके बाद उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। रामदेव के प्रवक्ता एसके तिजारावाला का एक ट्वीट भी मिला, जिसमें बताया गया था कि बालकृष्ण को फूड प्वाइजनिंग हुई थी।

निष्कर्ष
वायरल फोटो और वीडियो की पड़ताल करने पर पता चला कि ये साल 2019 का मामला है। तब आचार्य बालकृष्ण की तबीयत बिगड़ी थी और उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। ऐसे में कोरोना के दौरान बालकृष्ण की तबीयत बिगड़ने का दावा झूठा है।

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