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चंद्रग्रहण आज: ग्रहण काल के दौरान क्या करना चाहिए और क्या करने से बचना चाहिए, जानिए 7 खास बातें

First Published May 26, 2021, 10:44 AM IST
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उज्जैन. आज (26 मई, बुधवार) वैशाख पूर्णिमा है। ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन साल 2021 का पहला चंद्रग्रहण होगा, हालांकि ये ग्रहण भारत के कुछ हिस्सों में थोड़ी देर के लिए ही दिखाई देगा। संपूर्ण भारत में इससे संबंधित सूतक व अन्य नियम मान्य नहीं होंगे। भारत के जिन हिस्सों में या जिन देशों में ये ग्रहण दिखाई देगा, वहां इससे जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी होगा। आगे जानिए ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या करने से बचें…

1. जिन क्षेत्रों में ग्रहण दिखाई दे रहा है, वहां रहने वाले लोगों को ग्रहण से पहले खाने-पीने की चीजें में तुलसी के पत्ते डाल देना चाहिए। तुलसी की वजह से इन चीजों पर ग्रहण का असर नहीं होता है।
 

1. जिन क्षेत्रों में ग्रहण दिखाई दे रहा है, वहां रहने वाले लोगों को ग्रहण से पहले खाने-पीने की चीजें में तुलसी के पत्ते डाल देना चाहिए। तुलसी की वजह से इन चीजों पर ग्रहण का असर नहीं होता है।
 

2. ग्रहण से पहले पका हुआ भोजन ग्रहण के बाद नहीं खाना चाहिए।
 

2. ग्रहण से पहले पका हुआ भोजन ग्रहण के बाद नहीं खाना चाहिए।
 

3. ग्रहण काल में पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए। इसीलिए इस समय में मंदिर बंद कर दिए जाते हैं।
 

3. ग्रहण काल में पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए। इसीलिए इस समय में मंदिर बंद कर दिए जाते हैं।
 

4. गर्भवती स्त्री को ग्रहण काल में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर इस बात का ध्यान नहीं रखा जाता है तो गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है।
 

4. गर्भवती स्त्री को ग्रहण काल में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर इस बात का ध्यान नहीं रखा जाता है तो गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है।
 

5. ग्रहण काल में पति-पत्नी को दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इस दौरान शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए। ग्रहण के समय बने संबंध से उत्पन्न होने वाली संतान को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
 

5. ग्रहण काल में पति-पत्नी को दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इस दौरान शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए। ग्रहण के समय बने संबंध से उत्पन्न होने वाली संतान को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
 

6. ग्रहण के समय मंत्रों का मानसिक जाप करना चाहिए। मानसिक जाप यानी धीरे-धीरे अपने इष्टदेव के मंत्रों का जाप करना चाहिए।
 

6. ग्रहण के समय मंत्रों का मानसिक जाप करना चाहिए। मानसिक जाप यानी धीरे-धीरे अपने इष्टदेव के मंत्रों का जाप करना चाहिए।
 

7. ग्रहण के बाद पूरे घर की सफाई करनी चाहिए। गाय को हरी घास खिलाएं। दान-पुण्य करें। अगर संभव हो सके तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
 

7. ग्रहण के बाद पूरे घर की सफाई करनी चाहिए। गाय को हरी घास खिलाएं। दान-पुण्य करें। अगर संभव हो सके तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
 

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