Asianet News Hindi

ये हैं शरद यादव की बेटी सुभाषिनी, MBA करने के बाद कांग्रेस में हुई शामिल, यहां से लड़ सकती हैं चुनाव

First Published Oct 14, 2020, 3:35 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

पटना (Bihar) । जनता दल युनाइटेड के कभी राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और वर्तमान में लोकतांत्रिक जनता दल के प्रमुख शरद यादव (Sharad Yadav) की बेटी सुभाषिणी राज राव (Subhashini Raj Rao) आज कांग्रेस (Congress) में शामिल हो गई। उनके साथ लोजपा (LJP) के वरिष्ठ नेता काली पांडे (Kali Pandey) ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली। खबर है कि सुभाषिणी बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में मधेपुरा (Madhepura की बिहारीगंज (Bihariganj)सीट से चुनाव लड़ सकती हैं बता दें कि शरद यादव की बेटी होने के साथ-साथ हरियाणा (Haryana के एक राजनीतिक परिवार की बहू भी हैं।

सुभाषिणी यादव के पास एमबीए की डिग्री है। जिनकी उम्र इस समय 30 साल है। वो हाल ही में अपने पिता शरद यादव के स्वास्थ्य की जानकारी लेने पर पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, सीएम नीतीश कुमार और अन्य नेताओं का आभार व्यक्त की थी।
 

सुभाषिणी यादव के पास एमबीए की डिग्री है। जिनकी उम्र इस समय 30 साल है। वो हाल ही में अपने पिता शरद यादव के स्वास्थ्य की जानकारी लेने पर पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, सीएम नीतीश कुमार और अन्य नेताओं का आभार व्यक्त की थी।
 

बताते चले कि एम्स में इलाज करा रहे जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव को डॉक्टरों ने अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। उनके जेडीयू में लौटने की अटकलें लगाई जा रही थीं। बिहार सीएम नीतीश कुमार ने उनका हालचाल जाना था। 

बताते चले कि एम्स में इलाज करा रहे जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव को डॉक्टरों ने अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। उनके जेडीयू में लौटने की अटकलें लगाई जा रही थीं। बिहार सीएम नीतीश कुमार ने उनका हालचाल जाना था। 

बताते चले कि अगस्त 2017 में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण शरद यादव को जेडीयू से निकाल दिया गया था। इसी के बाद उन्होंने लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) का गठन किया था। 
 

बताते चले कि अगस्त 2017 में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण शरद यादव को जेडीयू से निकाल दिया गया था। इसी के बाद उन्होंने लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) का गठन किया था। 
 

शरद यादव साल 2019 के लोकसभा चुनाव में वे महागठबंधन का हिस्सा थे और मधेपुरा से चुनाव भी लड़े थे। उसी समय सुभाषिणी चर्चा में तब आई थी जब उन्होंने सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ बयान दिया था कि वे पूरा बिहार छोड़कर मधेपुरा में डेरा जमाए बैठे हैं। क्योंकि, वह मतलब डरे हुए हैं। हालांकि शरद यादव को हार का सामना करना पड़ा था।

शरद यादव साल 2019 के लोकसभा चुनाव में वे महागठबंधन का हिस्सा थे और मधेपुरा से चुनाव भी लड़े थे। उसी समय सुभाषिणी चर्चा में तब आई थी जब उन्होंने सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ बयान दिया था कि वे पूरा बिहार छोड़कर मधेपुरा में डेरा जमाए बैठे हैं। क्योंकि, वह मतलब डरे हुए हैं। हालांकि शरद यादव को हार का सामना करना पड़ा था।

इस बारी के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, राजद, CPI, CPM ही महागठबंधन का हिस्सा है। बिहार में कांग्रेस पार्टी को गठबंधन के तहत 70 सीटें मिली हैं, जिनमें से कांग्रेस ने कुछ पर ही उम्मीदवारों को घोषित किया है। खबर है कि सुभाषिणी को बिहारीगंज से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

इस बारी के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, राजद, CPI, CPM ही महागठबंधन का हिस्सा है। बिहार में कांग्रेस पार्टी को गठबंधन के तहत 70 सीटें मिली हैं, जिनमें से कांग्रेस ने कुछ पर ही उम्मीदवारों को घोषित किया है। खबर है कि सुभाषिणी को बिहारीगंज से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios